
क्यों डूब रहे हैं गंगा से ब्रह्मपुत्र-गोदावरी तक के इलाके... 23 करोड़ लोग खतरे की जद में
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भारत के प्रमुख नदी डेल्टा (गंगा-ब्रह्मपुत्र, महानदी, ब्राह्मणी, गोदावरी आदि) तेजी से डूब रहे हैं. नई स्टडी बताती है कि अत्यधिक भूजल निकासी मुख्य कारण है, जिससे भूमि का डूबना समुद्र स्तर बढ़ना से तेज हो रहा है. इससे लाखों लोगों को बाढ़, भूमि हानि और विस्थापन का खतरा बढ़ गया है.
एक नई वैश्विक स्टडी के अनुसार भारत के कई बड़े नदी डेल्टा क्षेत्र तेजी से डूब रहे हैं. यह डूबना समुद्र के बढ़ते जल स्तर से भी तेज है. गंगा-ब्रह्मपुत्र, महानदी, ब्राह्मणी और गोदावरी जैसे डेल्टा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि अत्यधिक भूजल निकासी इस समस्या का मुख्य कारण है, जिससे लाखों लोगों को बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है.
डेल्टा क्षेत्र क्या हैं और क्यों महत्वपूर्ण?
नदी डेल्टा वो जगहें हैं जहां नदियां समुद्र में मिलती हैं. ये क्षेत्र सिर्फ 1 प्रतिशत भूमि पर फैले हैं, लेकिन दुनिया की लगभग 6 प्रतिशत आबादी (35 से 50 करोड़ लोग) यहां रहती है. भारत में गंगा-ब्रह्मपुत्र, महानदी, ब्राह्मणी, गोदावरी, कावेरी और कबनी जैसे डेल्टा लाखों लोगों का घर हैं.
ये डेल्टा कृषि, मछली पालन, बंदरगाहों और व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. वे आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक रूप से जरूरी हैं. लेकिन ये बहुत नाजुक हैं क्योंकि ज्यादातर हिस्से समुद्र तल से सिर्फ 2 मीटर ऊपर हैं. जलवायु परिवर्तन से बढ़ते समुद्र स्तर, तूफान, बाढ़ और मौसम में बदलाव इन क्षेत्रों को खतरे में डाल रहे हैं.
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समस्या क्या है: भूमि का डूबना (सब्सिडेंस)

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