
Pakistan Election 2024: चुनाव में धांधली को लेकर घिरा पाकिस्तान तो अपनी सफाई में भारत को घसीटा
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पाकिस्तान में आम चुनाव के दौरान धांधली के आरोप लग रहे हैं. इंटरनेट पर पाबंदी को लेकर भी लोगों में गुस्सा है लेकिन वहां की कार्यकारी सरकार ने इससे खारिज करते हुए इसमें भारत को घसीटने की कोशिश की है.
पाकिस्तान आम चुनाव की मतगणना जारी है जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली की खबरें आ रही हैं. 8 फरवरी यानी चुनाव के दिन पाकिस्तान में इंटरनेट बंद कर दिया गया था और सोशल मीडिया पर भी पाबंदी लगा दी गई थी लेकिन पाकिस्तान के कार्यकारी सूचना मंत्री मुर्तजा सोलंगी ने कहा है कि इंटरनेट पर कोई पाबंदी नहीं थी और लोग सोशल मीडिया भी इस्तेमाल कर पा रहे थे. चुनाव में धांधली का आरोप झेल रहे सोलंगी ने उल्टे भारत पर निशाना साधकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की है.
शुक्रवार को सोलंगी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने शांतिपूर्ण और सही तरीके से चुनाव संपन्न कराए हैं. उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि चुनाव के दिन इंटरनेट पर पाबंदी थी. हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि सुरक्षा कारणों से बहुत से देश इंटरनेट पर पाबंदी लगाते हैं और पाकिस्तान कोई एकलौता ऐसा देश नहीं है जिसने ऐसा किया है.
सोलंगी ने अपनी जवाबदेही से बचते हुए अपने घरेलू मामलों में भारत को घसीटने की कोशिश की. बिना भारत का नाम लिए उन्होंने कहा, 'साल 2022 में विश्व के 35 देशों में 187 बार इंटरनेट शटडाउन किया गया और कथित लोकतांत्रिक कहलाने वाले हमारे पड़ोसी देश ने तो 84 बार इंटरनेट शटडाउन किया.' गौरतलब है कि साल 2022 में भारत में 84 बार इंटरनेट शटडाउन की घटनाएं सामने आई थीं.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद से लड़ रहा है और हजारों लोग इससे लड़ते हुए मारे गए हैं. चुनाव के दिन आतंकी हमलों में मरने वाले लोगों का जिक्र करते हुए पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि 8 फरवरी को हिंसा की 61 घटनाएं हुईं जिसमें 16 लोग मारे गए. आतंकवाद की घटनाओं में 28 लोग मारे गए.
पाकिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री गौहर एजाज मंत्री ने भी चुनाव के दौरान इंटरनेट पर पाबंदी लगाने को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'इस तरह की सक्रियता दिखाकर संस्थाएं लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती हैं...इसे सुनिश्चित करने का जिम्मा मेरा है.'
इंटरनेट पर पाबंद को लेकर सफाई देते हुए मंत्री ने कहा, 'अगर एक भी घटना होती तो हजारों लोगों की जान चली जाती... मेरी राय में, हमने 12 घंटे बिना इंटरनेट के बिताए और यह हमारे ही काम आया. सशस्त्र बलों और पुलिस ने अपनी भूमिका निभाई है. मुझे विश्वास है कि चुनाव आयोग भी अपनी भूमिका निभाएगा.'

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