
NSA अजीत डोभाल ने अचानक रद्द की अपनी रूस यात्रा, जानिए क्या है वजह
AajTak
अजीत डोभाल 27 मई से 29 मई 2025 तक मास्को में आयोजित होने वाली 13वीं अंतरराष्ट्रीय उच्चस्तरीय सुरक्षा प्रतिनिधियों की बैठक में भाग लेने वाले थे. मास्को में आयोजित होने वाली यह बैठक वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए दुनियाभर के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाती है.
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की आगामी रूस यात्रा रद्द कर दी गई है. वे 27 मई से 29 मई 2025 तक मास्को में आयोजित होने वाली 13वीं अंतरराष्ट्रीय उच्चस्तरीय सुरक्षा प्रतिनिधियों की बैठक में भाग लेने वाले थे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डोभाल मौसमी फ्लू से पीड़ित हैं और इसी कारण वे इस अहम वैश्विक सुरक्षा बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि वर्तमान स्थिति में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है. NSA डोभाल को पूर्ण विश्राम की सलाह दी गई है ताकि वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें. जानकारी के मुताबिक भले ही इस बार की यात्रा रद्द करनी पड़ी हो, लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने यह स्पष्ट किया कि अजीत डोभाल निकट भविष्य में रूस के साथ रणनीतिक और सुरक्षा मामलों पर द्विपक्षीय संवाद फिर से शुरू करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.
क्या है यह अंतरराष्ट्रीय बैठक?
मास्को में आयोजित होने वाली यह बैठक वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए दुनियाभर के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाती है. इसमें आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, क्षेत्रीय संघर्ष और बहुपक्षीय रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होता है.
भारत हर साल इस मंच पर सक्रिय रूप से भाग लेता आया है और इसके माध्यम से वैश्विक सुरक्षा तंत्र में अपनी भूमिका को रेखांकित करता रहा है. हालांकि NSA डोभाल इस बार व्यक्तिगत रूप से बैठक में भाग नहीं ले पाएंगे, लेकिन भारत की ओर से भविष्य में उच्चस्तरीय भागीदारी और सहयोग की संभावनाएं बनी रहेंगी.

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की मालिक कंपनी मेटा के लिए यह एक बड़ा झटका है. कंपनी ने हमेशा दावा किया है कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए करोड़ों डॉलर खर्च करती है, लेकिन न्यू मेक्सिको की जूरी ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. साथ ही दोषी करार देते हुए भारी भरकम जुर्माना लगाया है.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.









