
Netflix ने चलाई 'धुरंधर' पर कैंची? सामने आई फिल्म में लगे कट्स की असली स्टोरी
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आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' ने ओटीटी पर रिलीज होकर फैंस को निराश होने का एक मौका दिया. उनकी फिल्म का रनटाइम थिएटर के मुकाबले कम हुआ, जिससे कई लोग खफा दिखे. अब ऐसा क्यों हुआ, इसकी जानकारी सामने आई है.
बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म बनी 'धुरंधर' 30 जनवरी की देर रात फाइनली ओटीटी पर रिलीज हुई. नेटफ्लिक्स ने इसे चुपचाप अपने प्लेटफॉर्म पर डालकर फैंस को सरप्राइज दिया. लेकिन उन्हें ये सरप्राइज उतना पसंद नहीं आया, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. वो नेटफ्लिक्स पर मौजूद 'धुरंधर' के रनटाइम से नाखुश दिखे.
'धुरंधर' के कट्स के पीछे कौन है जिम्मेदार?
'धुरंधर' जैसे ही नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई, सोशल मीडिया पर फैंस की खुशी दोगुनी हो गई. लेकिन जब उन्होंने इसका रनटाइम देखा, तो वो निराश हुए. क्योंकि 'धुरंधर' के थिएटर वर्जन से करीब 9 मिनट के सीन्स काटकर ओटीटी वर्जन पर डाले गए हैं. यानी थिएटर में मौजूद 3 घंटे 34 मिनट की फिल्म, ओटीटी पर 3 घंटे 25 मिनट की दिखाई जा रही है. साथ ही फिल्म में गालियों को भी म्यूट किया गया है. ये बात कई लोगों को हजम नहीं हुई. उन्होंने नेटफ्लिक्स पर आरोप लगाने शुरू किए कि उन्होंने फिल्म में बदलाव कराए.
अब इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए इंडिया टुडे/आजतक कुछ इंडस्ट्री इंसाइडर्स के पास पहुंचा, जहां उन्होंने 'धुरंधर' में लगे कट्स और डायलॉग्स बदलने की वजह बताने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि कई बार फिल्म मेकर्स ओटीटी पर फिल्म आने से पहले कुछ छोटे-मोटे बदलाव कर देते हैं. जैसे कि फिल्म की स्पीड को थोड़ा तेज या धीमा कर देते हैं या क्रेडिट्स को छोटा कर देते हैं.
वो ऐसा इसलिए करते हैं ताकि घर पर देखने वाले लोगों को मजा ज्यादा आए और अच्छा एक्सपीरियंस मिले. कभी-कभी ऐसा भी होता है कि थिएटर्स में जो सीन नहीं डाले गए थे, वो ओटीटी वाले वर्जन में जोड़ दिए जाते हैं. या फिर कुछ सीन हटा भी दिए जाते हैं. ये सब बदलाव फिल्म बनाने वाले खुद तय करते हैं. वो ये देखते हैं कि ऑडियंस के लिए क्या सबसे अच्छा रहेगा. लेकिन ये सारे बदलाव ओटीटी प्लेटफॉर्म को पहले से बता दिए जाते हैं. यानी सब कुछ प्लान करके और जानकारी देकर ही किया जाता है.
क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म कर सकता है फिल्म में बदलाव?













