
'45 किलो का कैमरा' ऑस्कर जीतने वाली पहली महिला सिनेमैटोग्राफर ऑटम डूरल्ड की कहानी!
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ऑस्कर 2026 में सिनेमैटोग्राफर ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ ने इतिहास रच दिया. 'सिनर्स' के लिए बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड जीतकर वो ऑस्कर इतिहास में यह सम्मान पाने वाली पहली महिला बन गईं. ऑस्कर ट्रॉफी तक पहुंचने का ऑटम का सफर एक इंस्पायर करने वाली कहानी है.
ऑस्कर्स 2026 के मंच पर अपने अवॉर्ड के साथ स्पीच दे रहीं सिनेमैटोग्राफर ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ ने एक पॉज लिया. दुनिया के तमाम टॉप सिनेमा टैलेंट से भरे लॉस एंजेलिस के डॉल्बी थिएटर में ऑटम ने कहा— 'सारी महिलाएं, प्लीज खड़ी हो जाएं. आप सब के बिना मेरा यहां तक पहुंचना मुमकिन नहीं था!' ऑस्कर इवेंट पर मौजूद सारी महिलाओं ने खड़े होकर ऑटम से मिला ये सम्मान स्वीकार किया और इसके साथ ही एक नया इतिहास लिखा गया.
ऑस्कर्स के ऑलमोस्ट 100 साल के इतिहास में पहली बार एक महिला ने बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड अपने नाम किया. एक कहानी को पर्दे पर उतारने में सिनेमैटोग्राफी सबसे महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट होता है. लेकिन सिनेमा के इस डिपार्टमेंट में पुरुषों का दबदबा रहा है. पिछले कुछ सालों में फीमेल डीओपी (डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी) नजर तो आने लगी हैं, मगर अभी भी फीमेल सिनेमैटोग्राफर का ऑस्कर की ट्रॉफी उठाना एक सपना ही था. ये सपना ऑटम ने जिस तरह पूरा किया है, उसकी कहानी भी खुद ऑटम की ही तरह बहुत इंस्पायर करने वाली है.
स्ट्रगल के इतिहास से जन्मा तस्वीरों का शौक फिलिपिनो और अफ्रीकन-अमेरिकन मूल के पेरेंट्स के घर जन्मीं ऑटम के बैकग्राउंड में प्रवासियों का एक अपना इतिहास है. सिंगल मां की बेटी रहीं ऑटम के नाना-नानी ने काम-धंधे के चक्कर में बहुत सफर किया था. जहां गए, जहां रहे उन जगहों की तस्वीरों को उन्होंने बहुत सहेजकर रखा था. द टॉक्स को ऑटम ने बताया था कि इन फोटो बुक्स के जरिए तस्वीरों से उनका पहला रिश्ता बना.
हाई स्कूल में फोटोग्राफी शुरू कर चुकीं ऑटम तस्वीरों के प्रेम की वजह से ही आर्ट हिस्ट्री पढ़ना चाहती थीं. लेकिन किस्मत ने उनके इस प्यार के लिए एक अलग मुकाम चुन रखा था. लोयोला मैरीमाउंट यूनिवर्सिटी (LMU) में एडमिशन लेने गईं ऑटम को आर्ट हिस्ट्री पढ़ने के लिए फिल्म जॉनर से जुड़ा एक कोर्स भी लेना पड़ा. इस कोर्स में उन्हें 'रेजिंग बुल', 'हीट' और 'ट्रेनस्पॉटिंग' जैसी कल्ट-क्लासिक फिल्में देखने को मिलीं. ऑटम का स्टिल फोटोज वाला प्यार मूविंग इमेज यानी सिनेमा में शिफ्ट हो गया. यहां से उन्होंने तय किया कि उन्हें डीपी (डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी) बनना है और इस ख्वाब के लिए वो अमेरिका फिल्म इंस्टीट्यूट (AFI) जा पहुंचीं.
इंस्पिरेशन के लिए कोई आइकॉन नहीं फिल्म इंस्टीट्यूट में ऑटम जब कैमरे के पीछे पहुंचीं तो उनके सामने सिनेमैटोग्राफी के जो भी आइकॉन थे, वो पुरुष थे. इंडी वायर से ऑटम ने बहुत पहले कहा था, 'मेरे पास विजुअली कुछ कहने के लिए हमेशा से था और ये मेरे दिमाग में आया ही नहीं कि महिला होना कभी डीपी बनने के रास्ते में आएगा. हर डीपी के पास अपना एक अलग विजन होता है.'
फिल्म इंस्टीट्यूट में ही एक फिल्म शूट कर रहे उनके दोस्त को जरूरी काम आ निकला, तो अपनी जगह शूट करने उन्होंने ऑटम को भेज दिया. लेजेंड फिल्ममेकर 'द गॉडफादर' के डायरेक्टर फ्रांसिस फोर्ड कोपोला की पोती जिया कोपोला उस फिल्म की प्रोड्यूसर थीं, जिसके सेट पर ऑटम संयोग से जा पहुंचीं. दोनों ने साथ में कई प्रोजेक्ट किए और जब जिया ने बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म 'पालो ऑल्टो' (2013) बनाई तो उनकी डीपी ऑटम थीं. बस ऑटम का करियर चल पड़ा और उन्हें सबसे ज्यादा चर्चा मिली रायन कूगलर की 'ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरेवर' (2022) से.

ऑस्कर्स के इतिहास में सबसे ज्यादा नॉमिनेशंस के रिकॉर्ड के साथ पहुंची 'सिनर्स' का जलवा 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में नजर आया. लेकिन इससे ज्यादा बड़ी कामयाबी 'वन बैटल आफ्टर एनदर' के हाथ लगी जो इस अवॉर्ड सीजन सरप्राइज बनकर उभरी. 'सिनर्स' के लिए सबसे बड़ी कामयाबी माइकल बी जॉर्डन को मिली जो फाइनली बेस्ट एक्टर बने.












