
Mumbai में Corona Vaccination Scam का आरोप, कई दिन बाद हुआ ठगी का खुलासा
Zee News
Vacciene Scam Mumbai: इस घोटाले से आखिरी पर्दा उस वक्त हटा जब लोगों को उनका वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अलग-अलग अस्पतालों के नाम से मिला. किसो को बीएमसी की तरफ से बनाए गए सेंटर का कागज मिला तो कुछ को नानावटी हॉस्पिटल और शिवम हास्पिटल की ओर से जारी सर्टिफिकेट थमा दिए गए.
मुंबई: मायानगरी मुंबई (Mumbai) की एक बड़ी सोसायटी में कोराना वैक्सीनेशन को लेकर घोटाले (Covid-19 Vaccination Scam) का मामला सामने आया है. कांदिवली (Kandivali) स्थित इस सोसायटी में 30 मई को लोगों को कोरोना का टीका (Corona Vaccine) लगाया गया था. वैक्सीन की फर्स्ट डोज के लिए सभी से कुल 1260 रूपये चार्ज किया गए थे. सोसायटी की कमेटी की तरफ से इस वैक्सीन ड्राइन आयोजित कराया गया था. वैक्सीन देने वालों ने पहले बताया कि वो कोकिला बेन हास्पिटल की तरफ से आए है. कुछ समय बाद आए लोगों ने वही सवाल पूछा तो शिवम हास्पिटल का नाम बताया गया. पीड़ितों का कहना है कि इंजेक्शन लगने के बाद उन लोगों के नाम कोविन एप (Cowin App) मे ना भर के एक एक्सेल शीट में भरे गए थे. तभी भी कुछ लोगों को शक हुआ था लेकिन सोसाइटी वालों के नाम पर उन्होंने कुछ नहीं कहा. फिलहाल लोगों को इस बात की भी चिंता है कि पता नहीं कौन सी चीज भरकर उन्हें लगाई गई होगी. अब लोगों का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










