
Mumbai: आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व डिप्टी कमिश्नर को 3 साल कैद की सजा
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61 वर्षीय पूर्व अधिकारी के अलावा, उनकी 51 वर्षीय पत्नी अरामोनी दास को भी दोषी ठहराया गया और उन्हें एक साल जेल की सजा सुनाई गई और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे आयकर विभाग के पूर्व डिप्टी कमिश्नर को सीबीआई अदालत ने 3 साल कैद की सजा सुसाई है. सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एसएच ग्वालानी ने पूर्व आयकर उपायुक्त को दोषी ठहराते हुए 3 साल की साधारण कैद की सजा सुनाई और 50,000 रुपये के जुर्माने का भी आदेश दिया है.
61 वर्षीय पूर्व अधिकारी के अलावा, उनकी 51 वर्षीय पत्नी अरामोनी दास को भी दोषी ठहराया गया और उन्हें एक साल जेल की सजा सुनाई गई और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. जांच के दौरान, उन्होंने अधिकांश सबूतों के बारे में जानकारी ना होने की बात कही. अरामोनी दास ने कहा कि लॉकर में मिले आभूषण शादी के समय के हैं. नए आभूषण भी उन्हीं के थे.
पूर्व आयकर उपायुक्त की पत्नी ने कोर्ट के समक्ष कहा कि उन्हें अपनी शादी में जो पैसा मिला था, उसका इस्तेमाल असम में संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था और उन्हें उस संपत्ति का किराया मिल रहा है. वह कुकिंग क्लास लेती थी और ऑर्डर भी लेती थी और उससे पैसे कमाती थी.
सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर आयकर अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था. एफआईआर में यह आरोप लगाया गया था कि सरकारी मुलाजिम होने के नाते अधिकारी ने 1 अप्रैल, 2006 से 16 दिसंबर, 2010 तक की चेक अवधि के दौरान भ्रष्ट आचरण में लिप्त होकर अपने पद का दुरुपयोग किया था. उन्होंने 31,28,168 रुपये की अचल और चल संपत्ति अर्जित की थी. जो उनके और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर है. मगर इस संपत्ति की कीमत उनकी आय के ज्ञात और कानूनी स्रोतों से अधिक है. इस मामले में वे संतोषजनक हिसाब भी नहीं दे सके.
इस मामले में अभियोजन ने सभी 54 गवाहों से पूछताछ की और 21 गवाहों को छोड़ दिया गया. 22 गवाहों के मारे जाने की सूचना है. जबकि दो और गवाहों के लापता होने की सूचना है. सुनवाई के दौरान जब अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया तो हिरासत में नहीं थे. ना ही पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था, लिहाजा अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा. जज ग्वालानी ने आदेश दिया कि उनके पास पाई गई 35,96,644 रुपये की आय से अधिक संपत्ति को महाराष्ट्र की राज्य सरकार जब्त कर ले.

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