
MP: भिंड विधायक और कलेक्टर के बीच ठनी, एक-दूसरे के खिलाफ FIR करवाने के लिए दोनों पहुंचे थाने
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भिंड से BJP विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुआ विवाद पूरे देश भर में सुर्खियां बन चुका था. अब एक बार फिर से दोनों ने एक दूसरे पर कार्रवाई करवाने के लिए थाने का रुख अख्तियार किया है. देखना होगा कि विधायक और कलेक्टर के बीच का यह विवाद कहां जाकर थमता है.
MP News: भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं. इस बार दोनों एक दूसरे पर मामला दर्ज करवाने के लिए थाने तक पहुंच गए हैं. आवेदन देने की शुरुआत भिंड कलेक्टर ने की. जिसके बाद विधायक ने भी कलेक्टर के खिलाफ थाने में आवेदन दे दिया.
27 अगस्त को भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा के बीच विवाद हुआ था. विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर के बंगले पर पहुंच गए थे. यहां उन्होंने हंगामा करते हुए कलेक्टर के बंगले के दरवाजे को धक्का देकर खोल दिया था. इसके बाद जब कलेक्टर ने विधायक को उंगली दिखाते हुए नसीहत दी तो, विधायक ने भी कलेक्टर को मारने के लिए मुक्का तान लिया था. इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ था. दोनों ने एक दूसरे पर रेत चोरी करने के आप भी लगा दिए थे.
हंगामा इतना बढ़ गया कि IAS संगठन ने विधायक के इस रवैया को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था. जिले में भी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था. जबकि विधायक को समझाइश देने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें भोपाल तलब किया था.
भोपाल से लौटने के बाद विधायक के तेवर नरम पड़ गए थे और लग रहा था कि सब कुछ सामान्य हो गया है, लेकिन रविवार की शाम को भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव सिटी कोतवाली पहुंच गए. यहां उन्होंने आवेदन देकर भिंड विधायक द्वारा किए गए बर्ताव की जानकारी लिखते हुए कार्रवाई करने की मांग की है. इसकी जानकारी जैसे ही विधायक को लगी तो, वह भी रविवार की रात को सिटी कोतवाली पहुंचे और उन्होंने भी आरोप लगाते हुए कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की बात आवेदन में लिखी है.
सिटी कोतवाली के टीआई बृजेंद्र सिंह सेंगर ने aajtak को फोन कॉल पर बताया, रविवार को भिंड कलेक्टर और भिंड विधायक ने उन्हें शिकायती आवेदन दिया है. पहले कलेक्टर आवेदन देने आए थे, उसके बाद भिंड विधायक आवेदन देने आए थे. दोनों आवेदनों को जांच में ले लिया गया है.

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