
Moodys On India GDP: भारत रुकने वाला नहीं... विदेशी एजेंसी ने माना लोहा, कहा- 'बना रहेगा नंबर-1'
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Moody's On Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगेगा और ये आने वाले वित्तीय वर्ष में भी जोरदार तेजी से भागती रहेगी. विदेशी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि भारत सबसे तेज इकोनॉमी बना रहेगा.
भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में दम है और ये दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में टॉप पर बना रहेगा. इंडियन इकोनॉमी को लेकर ये गुड न्यूज विदेशी रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's Ratings) ने दी है. एजेंसी ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ (India's GDP Growth) जी-20 में शामिल सभी देशों में सबसे तेज रहेगी.
इस रफ्तार से भागेगी इंडियन इकोनॉमी भारतीय अर्थव्यवस्था के अगले वित्तीय वर्ष में मजबूत ग्रोथ के ट्रैक पर बने रहने की उम्मीद है. मूडीज ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि FY27 देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.4% रहेगी और इकोनॉमी की इस रफ्तार के साथ भारत G-20 Nations में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन जाएगा.
Moody's ने इसके पीछे वजह बताते हुए कहा है कि भारत की आर्थिक ग्रोथ को स्थिर घरेलू डिमांड, बेहतर इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज और स्थिर व्यापक आर्थिक परिस्थितियों से समर्थन मिलेगा, जो कि कारोबारी विश्वास बढ़ने और कंपनियों को कर्ज व निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.
GST Reform का जारी रहेगा असर मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ग्रोथ में संरचनात्मक सुधारों की अहम भूमिका रह सकती है. खासतौर पर जीएसटी रिफॉर्म और इनकम टैक्स में कटौती जैसे उपायों से घरेलू उपभोग को समर्थन मिलने की संभावना है. इसके साथ ही मॉनेटरी पॉलिसी से फाइनेंशियल हेल्थ भी दुरुस्त बनी रहेगी.
RBI ने भी बढ़ाया है ग्रोथ अनुमान भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी हाल ही में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव रुख अपनाया है. अपनी नई मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा रिपोर्ट में RBI ने FY2026-27 के लिए अपने प्रारंभिक ग्रोथ अनुमान को बढ़ा दिया है. केंद्रीय बैंक ने अब पहली तिमाही में रियल जीडीपी में 6.9% और Q2 में 7.0% की ग्रोथ का अनुमान जाहिर किया है. ये इससे पहले के क्रमश: 6.7% और 6.8% से ज्यादा है. रिजर्व बैंक ने भी इसके पीछे उपभोग और निवेश में निरंतर मजबूती को वजह बताया है.
भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट फिट मूडीज के मुताबिक, मजबूत इकोनॉमी के चलते अगले 12 से 18 महीनों में वित्तीय स्थितियां स्थिर रहने की उम्मीद है. भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत मानी जा रही है और यह माहौल बैंकों को बढ़ती लोन डिमांड के बावजूद अपनी इनकम के माध्यम से पर्याप्त पूंजी भंडार बनाए रखने का मौका देता है.

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