
Maharashtra: Mumbai में हुई भारी बारिश, सड़कों पर घुटनों तक भरा पानी; दिखा जलसैलाब का नजारा
Zee News
Mumbai Rain Alert: भारी बारिश के बाद मुंबई में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. यहां सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है. आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है.
मुंबई: मूसलाधार बारिश ने मुंबई का हाल बेहाल कर दिया है. जलजमाव के कारण यहां की सड़कें पानी में डूब गई हैं. कई लोग बारिश की वजह से फंस गए हैं, वे अपने घर नहीं जा पा रहे हैं. मुंबई के निचले इलाकों में परेशानी और ज्यादा है. यहां सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. मुंबई के सियोन इलाके और गांधी मार्केट में पानी भर गया है. सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं. जगह-जगह गाड़ियां फंस गई हैं. इस वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जगह-जगह पर बीएमसी के कर्मचारी मौजूद हैं, जो लोगों को ये समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतें.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









