
Kashmir: पुलवामा में 5 करोड़ की लागत से बन रहा पहला सिंथेटिक टर्फ हॉकी स्टेडियम, जल्द होगी ओपनिंग
Zee News
पुलवामा जिले में 5 करोड़ रुपये से बना यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम युवाओं के लिए काफी उम्मीद लेकर आया है. यह कश्मीर घाटी का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम होगा. यह दक्षिण कश्मीर में सरकार द्वारा किया गया पहला बड़ा खेल निवेश भी है, ताकि कश्मीर अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी पैदा करे सके.
श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर का पुलवामा (Pulwama) जिला जल्द ही हॉकी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम (International Hockey Stadium) के लिए मशहूर हो जाएगा. यहां 5 करोड़ रुपये की लागत से कश्मीर घाटी का पहला एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम (First AstroTurf Hockey Stadium) तैयार किया जा रहा है. इस स्टेडियम के निर्माण से कश्मीर घाटी में हॉकी खिलाड़ी बेहद खुश हैं और बेसब्री से स्टेडियम के खुलने का इंतजार कर रहे हैं.
कश्मीर घाटी में अपनी तरह का यह पहला स्टेडियम है जो जम्मू-कश्मीर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के तहत गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल पुलवामा (Government Boys Higher Secondary School Pulwama) में बनाया गया है. सितंबर 2020 में पुलवामा की अपनी पहली यात्रा के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने हॉकी एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम की आधारशिला रखी थी.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








