
Karnataka Government ने महंगे CT-Scan की फीस पर लगाया अंकुश, अब इतने ही पैसे ले सकेंगे निजी लैब
Zee News
देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहे हैं. इसी के साथ सीटी-स्कैन और डिजिटल एक्स रे कराने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है. ऐसे में कर्नाटक ने निजी अस्पतालों और लैब के लिए इन दोनों जांचों की फीस तय कर दी है.
बेंगलुरु: कोविड-19 संक्रमण के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं. संक्रमण का पता लगाने के लिए कोरोना वायरस टेस्ट कराने के अलावा सीटी-स्कैन का भी उपयोग तेजी से हो रहा है. इसके अलावा डिजिटल एक्स-रे कराने वाले लोगों की संख्या भी खासी ज्यादा है. इसके चलते देश के विभिन्न हिस्सों से इन दोनों जांचों के लिए मोटी रकम वसूलने की खबरें सामने आ रही हैं. इसे देखते हुए कर्नाटक राज्य ने लोगों को राहत देते हुए इन दोनों जांचों के लिए फीस तय कर दी है. Since CT- Scan or X-Ray is becoming increasingly necessary to detect Covid-19 infection, Government has decided to cap the price of CT-Scan and Digital X-Ray in private hospitals and labs at ₹1,500 and ₹250 respectively. कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.एस.सुधाकर ने घोषणा की है कि सरकार ने निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में सीटी-स्कैन और डिजिटल एक्स-रे की कीमत क्रमशः 1,500 और 250 रखने का फैसला किया है.' — Dr Sudhakar K (@mla_sudhakar)
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









