
JNU में अब शिवाजी जयंती कार्यक्रम में बवाल, ABVP और लेफ्ट के कार्यकर्ताओं में झड़प
AajTak
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक बार फिर बड़ा बवाल शुरू हो गया है. शिवाजी जयंती के मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और लेफ्ट के कार्यकर्ता भिड़ गए हैं.
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में एक बार फिर बड़ा बवाल शुरू हो गया है. शिवाजी जयंती के मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और लेफ्ट के कार्यकर्ता भिड़ गए हैं. ABVP का आरोप है कि लेफ्ट के कार्यकर्ताओं ने शिवाजी महाराज की तस्वीर को नीचे फेंका है, वहीं लेफ्ट दावा कर रहा है कि ABVP के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की है. इस समय दोनों तरफ से आरोप लगाए जा रहे हैं, यूनिवर्सिटी द्वारा कोई बयान जारी नहीं किया गया है.
शिवाजी जयंती को लेकर जेएनयू में बवाल
इस पूरे विवाद को लेकर ABVP ने कई तस्वीरें शेयर की हैं. उन तस्वीरों में शिवाजी की फोटो नीचे गिरी दिख रही है, फूल भी जमीन पर बिखरे हुए हैं. उन तस्वीरों के साथ ABVP ने लिखा है कि जेएनयू में छात्र संघ कार्यालय में वामपंथियों द्वारा #वीर_शिवाजी के चित्र से माला उतारा गया और तोड़ फोड़ कर वहां लगे महापुरुषों की तस्वीरों को फेंका गया. अभाविप इसकी कड़ी निंदा करती है एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग करती है.
लेफ्ट का अलग दावा, ABVP पर गंभीर आरोप
अब ये बयान तो ABVP ने जारी किया है, लेकिन लेफ्ट ने भी अपनी तरफ से इस पूरी घटना के बारे में जानकारी दी है. लेफ्ट का आरोप है कि ABVP के कार्यकर्ताओं ने जमीन पर जमकर बवाल काटा है और मारपीट की गई है. लेफ्ट ने कहा है कि ABVP एक बार फिर मारपीट पर उतर आया है. दर्शन सोलंकी के पिता के कहने पर कैंडल मार्च निकाला गया था. दर्शन सोलंकी जो कि बॉम्बे IIT में पढ़ते थे, जातिवाद माहौल ने उसे मार दिया था. लेकिन ABVP के कार्यकर्ताओं ने इस शांति मार्च को भी पूरा नहीं होने दिया और इसे रोकने की कोशिश की.
ABVP ने लेफ्ट के आरोपों को किया खारिज

पुणे शहर में एक गंभीर सड़क हादसा उस समय हुआ जब एक नशे में धुत चालक ने तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए अपना संतुलन खो दिया. दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वाहन सीधे सड़क किनारे लगे दुकानों से टकराता दिख रहा है. जोरदार टक्कर की वजह से दुकानों के शटर, सामान और ढांचे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इस घटना के बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है.

रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता को उनका बेटा युवराज फोन करता है 'मुझे बचा लीजिए, मैं डूब जाऊंगा… मेरी कार नाले में गिर गई है.' आधे घंटे बाद पिता घटना स्थल पर पहुंचते हैं. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के 80 कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद संसाधनों की कमी और जोखिम के डर के चलते कोई पानी में नहीं उतरता. निक्कमे सिस्टम और बेबस पिता के सामने ही युवराज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है.

इंदौर के सर्राफा बाजार में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते लेकर घिसटकर चलता मांगीलाल जिसे भी दिखाई देता, वह सहानुभूति में उसे पैसे दे देता. लेकिन यही मांगीलाल तीन पक्के मकानों, तीन ऑटो और एक डिजायर कार का मालिक है. इतना ही नहीं, वह लोगों को ब्याज पर पैसा भी देता था. इस खुलासे ने सबको चौंका दिया.

बेंगलुरु में रोड रेज की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. सड़क पर मामूली बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. इसी दौरान एक युवक अचानक अपना आपा खो बैठा और उसने सड़क पर ही चाकू निकाल लिया. आरोपी गुस्से में चाकू लहराते हुए सामने वाले को धमकाने लगा. वह सड़क पर खुलेआम हथियार दिखाकर डराने की कोशिश करता रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटने लगे. वीडियो में आरोपी का आक्रामक रवैया और चाकू लहराने की हरकत साफ तौर पर देखी जा सकती है फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

देश के अलग-अलग राज्यों से आग की भयावह घटनाएं सामने आई हैं, जिसने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गुजरात के खेड़ा जिले में भोपाल जा रहे एक कंटेनर ट्रक में अचानक आग लग गई, जिसमें मारुति कंपनी की 8 नई कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का तैयार माल नष्ट हो गया. झारखंड के रामगढ़ जिले में देर रात बोरा फैक्ट्री में आग लगने से फैक्ट्री पूरी तरह खाक हो गई, आग की लपटें दूर तक दिखाई दीं और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा. वहीं जयपुर–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस टैंकर और ट्रेलर की टक्कर के बाद केमिकल से भरे टैंकर में आग भड़क उठी, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई. वहीं रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भीषण आग लग गई, जहां भंडार कक्ष में रखी कई अहम फाइलें जलकर खाक हो गईं. राहत की बात यह रही कि इन सभी घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है.








