
Jammu-Kashmir voting rights: जम्मू-कश्मीर में सबको वोटिंग राइट्स, तो किसको पेट में दर्द ?
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जम्मू-कश्मीर में नई वोटर लिस्ट बनाने की घोषणा मात्र से वहां के पारम्परिक राजनीतिक दलों में हड़कम्प मच गया है. दरअसल, धारा 370 और 35ए के रहते वहां पंचायत से लेकर विधानसभा चुनावों तक केवल स्थानीय नागरिकों को ही वोट डालने का अधिकार था. इन दोनों धाराओं के हट जाने के बाद अब जो भी भारतीय वहां रह रहा है या ड्यूटी कर रहा है, अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकता है यानी कश्मीर में वोट डाल सकता है. वहां रह रहे गैर कश्मीरियों की संख्या काफी है. धारा 370 हटने के पहले की वोटर लिस्ट में कुल 76 लाख वोटर थे. नए नियमों के तहत तकरीबन 25 से 27 लाख नए वोटर जुड़ जाएंगे. देखें वीडियो.

Kanhaiya Mittal Controversy: प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर अपने तीखे तेवर और विवादों के कारण चर्चा में हैं. राजस्थान के अलवर में आयोजित एक भक्ति संध्या के दौरान साउंड ऑपरेटर से हुई उनकी भिड़ंत ने अब 'सोशल मीडिया वॉर' का रूप ले लिया है. गायक की इस 'अकड़' पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं.

दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद गुरुवार को शोक सभा के दौरान आम आदमी पार्टी और बीजेपी नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते नौबत हाथापाई तक पहुंच गई. जिससे मौके पर तनाव फैल गया. इस झड़प में पूर्व AAP विधायक को भी चोट लगने की भी खबर है.

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.








