
Jamiat Ulama-i-Hind: मुस्लिम छात्रों के साथ गैर-मुस्लिम छात्रों को भी स्कालरशिप
Zee News
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulama-i-Hind) के सदर मौलाना अरशद मदनी (Arshad Madani) का कहना है कि जमीयत जाति,धर्म और समुदाय से ऊपर उठ कर काम करता है.
नई दिल्ली: जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulama-i-Hind) की तरफ़ से तालीमी साल 2020-21 के लिए कुल 656 मुस्लिम और गैर-मुस्लिम छात्रों को आला तालीम के लिए स्कालरशिप जारी करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इस बार अहम बात ये है कि स्कालरशिप हासिल कारने वालों में बड़ी तादाम में गैर मुस्लिम छात्रों को भी शामिल किया गया है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulama-i-Hind) का कहना है इस बार जरूरतमंद छात्रों की तादाद को देखते हुए अनुदान सहायता राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

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Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










