
IRCTC की वेबसाइट हैक कर 4.25 करोड़ की धोखाधड़ी, गिरोह का मुंबई विजिलेंस और सूरत पुलिस ने किया भंडाफोड़
AajTak
मुंबई विजिलेंस और सूरत पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए IRCTC की वेबसाइट हैक कर 4.25 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस को आरोपी के पास से 6 लैपटॉप, कैश काउंट करने की मशीन, 5 फोन, 10 डेविट और क्रेडिट कार्ड, प्रिंटर, गदर और नेक्स सॉफ्टवेयर की 973 आईडी मिली है.
देश में आज भी आम लोगों को तत्काल रिजर्वेशन के तहत टिकट नहीं मिलता है. लेकिन आप किसी एजेंट या दलाल से संपर्क कर लें, तो आपको कही का भी टिकट मिल जाएगा. एक ऐसे ही नेटवर्क का पर्दाफाश गुजरात के सूरत शहर में हुआ है. पश्चिम रेलवे की मुंबई विजिलेंस टीम ने सूरत पुलिस के सहयोग से शहर के सिटीलाइट इलाके में छापेमारी की और एक एजेंट को गिरफ्तार किया है.
सूरत शहर के उमरा पुलिस थाने में पकड़े गए शख्स का नाम राजेश मित्तल है. 55 साल के राजेश मित्तल सिटी लाइट इलाके में समरन अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में IRCTC वेबसाइट हैक कर तत्काल टिकट निकालने का रैकेट चलाता था. मुंबई विजिलेंस की टीम और सूरत की उमरा थाना पुलिस ने संयुक्त छापा मारा, तो उसके फ्लैट से गदर सॉफ्टवेयर की मदद से 12 अकाउंट से 2.88 करोड़ की 3600 तत्काल ई टिकट बनाने का खुलासा हुआ.
ये भी पढ़ें- बेटे की चाह में दूसरे बच्चे को किया किडनैप, ऐसे मिला अस्पाताल से गायब 3 साल का शिवा
4.25 करोड़ की धोखाधड़ी
इसके साथ ही कुल ग्रुप बुकिंग समेत 4.25 करोड़ रुपये का रैकेट का खुलासा हुआ. मुंबई विजिलेंस के ऑफिसर संजय शर्मा ने उमरा थाना पुलिस में राजेश गिरधारी मित्तल और उसके वहां काम करने वाली महिला कृपा दिनेश पटेल के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था. कृपा पटेल नामक महिला पिछले तीन महीने से राजेश मित्तल के यहां 10 हजार मासिक तनख्वाह पर नौकरी कर रही थी.
मामले में DCP ने कही ये बाद

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?






