
IPL FINAL: धोनी ने लगाया चैंपियनशिप का चौका, KKR को हराकर जीता IPL 2021 का खिताब
Zee News
मैच की बात करें तो केकेआर (KKR) ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज करने का फैसला लिया. जिसके जवाब में चेन्नई (CSK) ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और केकेआर को 193 रनों का पहाड़ जैसा टारगेट दिया.
नई दिल्ली: दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2021) के फाइनल मुकाबिले में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने कोलकत्ता को 27 रनों से शिकस्त दे दी है और चौथी बार आईपीएल का खिताब अपने नाम कर लिया. वहीं केकेआर का तीसरी बार चैंपियन बनने के सपने को चकनाचूर कर दिया.
मैच की बात करें तो केकेआर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज करने का फैसला लिया. जिसके जवाब में चेन्नई ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और केकेआर को 193 रनों का पहाड़ जैसा टारगेट दिया. इसमें चेन्नई के सलामी बल्लेबाज फाफ डुप्लेसिस ने 86 रनों की बेहतरीन इनिंग खेली. इसके अलावा रितुराज गायक्वॉड ने 27 गेंदों में 32 रन, रॉबिन उथप्पा 15 गेंदों में 31 रन और आखिर में मुईन अली ने नाबाद 37 रनों की बेहतरीन पारी खेली.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









