
GST Meeting: ब्लैक फंगस की दवा पर अब कोई GST नहीं, दूसरी मेडिकल सप्लाई पर घटा टैक्स
Zee News
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बताया कि जीएसटी काउंसिल बैठक में कई सारी दवाओं, मेडिकल सप्लाई, ऑक्सीजन, ऑक्सीजन से जुड़े सामानों पर टैक्स घटाया गया है.
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की सदारत में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए GST Council की 44वीं बैठक हुई. इस बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur), कई राज्यों के वित्त मंत्री और केंद्र और राज्य सरकारों के सीनियर ऑफिसर मौजूद रहे. आज की बैठक में क्या-क्या फैसले लिए गए इसको लेकर वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बताया कि जीएसटी काउंसिल बैठक में कई सारी दवाओं, मेडिकल सप्लाई, ऑक्सीजन, ऑक्सीजन से जुड़े सामानों पर GST घटाया गया है. वहीं ब्लैक फंगस से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी हटा दिया गया है. लेकिन शर्त ये है कि बदला हुआ टैक्स कैप अगस्त के आखिर तक और सितंबर की शुरुआत तक ही लागू होगा.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









