
Ghaziabad : कनाडा में मारे गए गाजियाबाद के छात्र का शव भारत पहुंचा, पिता ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
AajTak
गाजियाबाद का छात्र कार्तिक वासुदेव तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद टोरंटो स्कूल में दाखिला ले पाया था. जनवरी में ही वह टोरंटो गया था. मेट्रो स्टेशन के गेट पर गुरुवार को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई.
कनाडा के टोरंटो में मारे गए 21 साल के छात्र कार्तिक वासुदेव का शव तीन दिन बाद भारत पहुंच चुका है. वहीं इस मामले में छात्र के परिवार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उसके पिता जितेश वासुदेव ने कहा कि वारदात के 48 घंटे बाद भी कनाडा या भारत सरकार द्वारा कोई सहायता प्रदान नहीं की गई थी. उन्होंने कहा कि परिवार ने एक फास्ट-ट्रैक वीजा प्रक्रिया की मांग की ताकि वह तुरंत कनाडा जा सकें क्योंकि उन्हें आशंका थी कि अधिकारी मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं.
'सरकार की तरफ से कोई नहीं आया' कार्तिक के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि विदेश मंत्री जयशंकर ने जब ट्वीट कर घटना की जानकारी दी तो मैंने उस ट्वीट का जवाब दिया था, लेकिन भारत सरकार की ओर से कोई भी उनके पास नहीं पहुंचा."
सीसीटीवी फुटेज में दिखा हत्यारा!
कनाडा पुलिस ने बताया कि छात्र का शव टोरंटो की ग्लेन रोड पर शेरबोर्न मेट्रो स्टेशन के एंट्रेस गेट पर मिला. वह गुरुवार को घर से काम पर जाने के लिए निकला था, तभी यह वारदात हुई. शुरुआती जांच में पुलिस को अश्वेत व्यक्ति सीसीटीवी फुटेज में दिखा, जिसके हाथ में बंदूक थी. पुलिस को शक है कि इसी शख्स ने छात्र को गोली मारी है. पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है.
'टोरंटो स्कूल में दाखिले के लिए 3 साल मेहनत की'
कार्तिक पिता जितेश वासुदेव ने कहा, "हमने सब कुछ खो दिया है. वह सिर्फ अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहा था. कनाडा आने का उसका सपना था. टोरंटो में स्कूल में एडमिशन के लिए पाने के लिए तीन साल तक कड़ी मेहनत की थी.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.









