
Ganga Dussehra 2021: गंगा दशहरा आज, इन 5 मुहूर्तों में होगा मां गंगा का पूजन, जानें विधि
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गंगा दशहरा के दिन माँ गंगा भगवान शिव की जटाओं से निकल के धरती पर आई थीं. उनके धरती पर आने के बाद ही राजा भागीरथ के पूर्वजों की तृप्ति हुई थी. गंगा दशहरा के दिन स्नान और दान करने से पापों का नाश होता है तथा पूर्वजों की तृप्ति होती है.
Ganga Dussehra 2021: गंगा दशहरा मुख्यतः माँ गंगा के अवतरण का दिन है. ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी को माँ गंगा का प्राकट्य हुआ था. गंगा दशहरा के दिन माँ गंगा भगवान शिव की जटाओं से निकल के धरती पर आई थीं. उनके धरती पर आने के बाद ही राजा भागीरथ के पूर्वजों की तृप्ति हुई थी. गंगा दशहरा के दिन स्नान और दान करने से पापों का नाश होता है तथा पूर्वजों की तृप्ति होती है. इस दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व है. इस बार गंगा दशहरा का पर्व 20 जून यानी आज मनाया जा रहा है. क्या करें गंगा दशहरा के दिन? किसी पवित्र नदी या गंगा नदी में स्नान करें, या घर पर शुद्ध जल से स्नान करें. इसके बाद मां गंगा का ध्यान करके उनकी पूजा करें. उनके मन्त्रों का जाप करें. पूजन में जो सामग्री प्रयोग करें. उनकी संख्या दस होनी चाहिए. विशेष रूप से दस दीपक का प्रयोग करें. इसके बाद अनाज का दान करें या दान का संकल्प लें. अगर आप कोरोना संकट की वजह से गंगा घाट पर नहीं जा पाए हैं तो घर में ही बाल्टी में पवित्र गंगा जल मिलाकर स्नान कर लीजिए और सच्ची श्रद्धा के साथ मां गंगा की उपासना कीजिए.
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