
Fuel Price Hike: कीमतों में इजाफे के सारे रिकाॅर्ड ध्वस्त; इंदौर में इस दाम पर मिल रहा है डीजल
Zee News
इंदौर में मंगलवार को डीजल का दाम 32 पैसे बढ़कर 100.11 रुपये प्रति लीटर के सर्वकालिक ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, जबकि पेट्रोल 26 पैसे के इजाफे के साथ 111.18 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिका.
इंदौरः मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में मंगलवार को डीजल का दाम 32 पैसे बढ़कर 100.11 रुपये प्रति लीटर के सर्वकालिक ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, जबकि पेट्रोल 26 पैसे के इजाफे के साथ 111.18 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिका. ‘मध्यप्रदेश फेडरेशन ऑफ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन’ के उपाध्यक्ष पारस जैन ने बताया कि यह इतिहास में पहली बार है, जब इंदौर में डीजल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचा है. इंदौर में पिछले कई बरसों से पेट्रोल पम्प चला रहे जैन याद करते हैं कि शहर में वर्ष 1977 के दौरान डीजल का दाम महज 1.61 रुपये प्रति लीटर था.
कोविड-19 के बाद लोगों की अमदनी घटी लेकिन खर्चे बढ़े इस बीच, शहर के गीता भवन चैराहे के एक ईंधन पम्प पर अपनी कार में डीजल भरवा रहे फर्नीचर कारोबारी राजेश गुप्ता ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि पेट्रोलियम पदार्थों की दिनों-दिन बढ़ती महंगाई आखिर कहां जाकर रुकेगी? कोविड-19 के प्रकोप के बाद मेरा कारोबार घट गया है, जबकि पेट्रोल-डीजल की महंगाई जेब पर बोझ बढ़ाती ही जा रही है.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










