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Farmers Protest: 1200 ट्रैक्टर और पोकलेन मशीन के साथ आज दिल्ली कूच करेंगे किसान, शंभू बॉर्डर पर संग्राम जैसी स्थिति
Zee News
Farmers Protest: अपनी मांगों को लेकर 13 फरवरी से किसान और सरकार के बीच चार बार बैठक हो चुकी है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ-साथ 12 मांगों को लेकर किसान शंभू बॉर्डर पर डेरा जमाए हुए हैं और राजधानी दिल्ली में घुसने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. सरकार से चौथी बार की बैठक विफल होने के बाद एक बार फिर से किसान आज दिल्ली कूच करेंगे.
अंश राज, नई दिल्ली, Farmers Protest: अपनी मांगों को लेकर 13 फरवरी से किसान और सरकार के बीच चार बार बैठक हो चुकी है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ-साथ 12 मांगों को लेकर किसान शंभू बॉर्डर पर डेरा जमाए हुए हैं और राजधानी दिल्ली में घुसने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. बातचीत विफल होने के बाद- किसानों ने आज यानी कि बुधवार को एक बार फिर से दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है. इसके लिए हजारों की संख्या में किसान तैयार हैं. वहीं दिल्ली पुलिस किसानों को लेकर अलर्ट मोड पर है और चप्पे-चप्पे पर उनकी नजर है. शंभू बॉर्डर: किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, ''हमारा इरादा किसी तरह की अराजकता पैदा करने का नहीं है... हमने 7 नवंबर से दिल्ली जाने का कार्यक्रम बनाया है। अगर सरकार कहती है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला तो इसका मतलब है कि सरकार हमें नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही… आज के 'दिल्ली चलो' मार्च पर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा, ''हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हम बैठकों में शामिल हुए, हर बिंदु पर चर्चा हुई और अब फैसला केंद्र सरकार को लेना है। हम शांत रहेंगे...प्रधानमंत्री को आगे आना चाहिए और हमारी मांगों को स्वीकार करना चाहिए। 1.5-2…

Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.







