
EXCLUSIVE: पंचायत में रिंकी की सहेली बनकर छा गईं एक्ट्रेस आंचल तिवारी, रियल लाइफ में झेला कास्टिंग काउच, मुश्किल रहे स्ट्रगल के दिन
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'पंचायत 3' में रवीना का रोल निभाने वाली आंचल तिवारी कहती हैं- बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है. अचानक से दुनिया बदल सी गई है. 'पंचायत 2' से मुझे कुछ खास पॉपुलैरिटी नहीं मिली थी. इसलिए मुझे इस सीजन से उम्मीद नहीं थी. पर जब उम्मीद से दोगुना प्यार मिला, तो अच्छा लग रहा है.
वेब शो 'पंचायत सीजन 3' को लोगों का बेशुमार प्यार मिल रहा है. सीरीज की कहानी और किरदारों पर खूब बात हो रही है. 'पंचायत' में रिंकी की दोस्त रवीना का रोल निभाने वाली आंचल तिवारी भी खूब चर्चा में हैं. यूजर्स का कहना है कि भाई अगर किसी की जिंदगी में दोस्त हो, तो रवीना जैसी. रवीना के रोल पर चर्चा जारी थी, तो लगे हाथ हमने भी आंचल से गपशप कर ली, जो पंचायत में अपने किरदार को लेकर काफी तारीफें बटोर रही हैं. चलिए जानते हैं कि आजतक डॉट इन संग बाचतीत में उन्होंने प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को लेकर क्या कहा.
'पंचायत' में लोग रवीना को काफी प्यार दे रहे हैं, इतने ज्यादा प्यार की उम्मीद थी? बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है. अचानक से दुनिया बदल सी गई है. 'पंचायत 2' से मुझे कुछ खास पॉपुलैरिटी नहीं मिली थी. इसलिए मुझे इस सीजन से उम्मीद नहीं थी. पर जब उम्मीद से दोगुना प्यार मिला, तो अच्छा लग रहा है.
'पंचायत' की सक्सेस के बाद लाइफ बदली? मुझे हर दिन नए ऑफर्स आ रहे हैं. टीवी सीरियल्स और सीरीज के लिए अप्रोच किया जा रहा है. विज्ञापन तो इतने ज्यादा मिल रहे हैं, क्या कहूं. फोन विज्ञापन के ऑफर्स से भरा हुआ है. पहले मुझे लोगों से काम मांगना पड़ता था. अब घर बैठे चीजें मिल रही हैं.
कहां की रहने वाली हैं और एक्टिंग में कैसे आना हुआ? बहुत सारे लोगों को लगता है कि मैं मध्यप्रदेश से हूं. पर असल में मैं उत्तरप्रदेश प्रयागराज की रहने वाली हूं. वहां मेरा बचपन बीता है. मैंने मध्यप्रदेश से पढ़ाई की है. बचपन से डांस में एक्टिव थी. एक्टिंग करना चाहती थी. पर पेरेंट्स कहते थे कि पढ़ाई पर ध्यान दो. लेकिन मेरा मन एक्टिंग की ओर भागता था. एक बार ग्वालियर में ऑडिशन हो रहा था. मुझे लगा वो टीवी शो का ऑडिशन हो रहा है. पर वो थिएटर के लिए था. ग्वालियर के ऑडिशन में सेलेक्ट हो गई.
2018 में मुझे मेरा पहला टीवी सीरियल मिला, जो सोनी पर आता था. पर वो रोल बहुत छोटा था, लेकिन पैसों के लिए मैंने वो रोल किया. छोटे-छोटे शोज करती रही. सावधान इंडिया में भी काम किया. पहले मुझे ऐसे रोल मिलते थे, जिनका शूट एक-दो दिन के लिए होता था. कोई इज्जत नहीं होती थी मेरी वहां.
आपकी झूठी मौत की खबर उड़ी थी, उस पर क्या कहना चाहेंगी? 'पंचायत 2' मुझे थोड़ा नेम फेम मिला. तभी भोजपुरी एक्ट्रेस आंचल तिवारी की डेथ हो गई थी. लोगों को लगा मैं ही वो आंचल हूं. कई मीडिया चैनल ने मेरी तस्वीर लगाकर झूठी मौत की खबर चला दी. मुझे फर्क तब पड़ा जब पंचायत के फैजल सर का फोन आया. उन्होंने कहा कि शो की टीम मुझे श्रद्धांजिल देने वाली है. सब घबरा गए थे कि अचानक क्या हो गया. मम्मी का कॉल आया. मेरे पापा अस्थमा के मरीज हैं. घर पर कोहराम मच गया था. तब मुझे गुस्सा आया. फिर मैंने वीडियो पोस्ट करके सच बताया. कुछ लोगों ने ये भी कहा कि पूनम पांडे की तरह मैंने फेक पब्लिसिटी की है. तब मेरा दिमाग ज्यादा खराब हो गया.













