
Email Tracking: आपकी कोई जासूसी तो नहीं कर रहा? इस तरह से हो रहा खेल, आसान है ब्लॉक करने का तरीका
AajTak
Email Tracking: शॉपिंग हो या फिर किसी प्लेटफॉर्म पर लॉगइन एक बार ईमेल आईडी शेयर करने के बाद लगातार आपको इनके नोटिफिकेशन्स आते रहते हैं. इनमें से कई ईमेल ऐसे होते हैं, जो आपका बहुत सा डेटा ट्रैक कर रहे होते हैं. अपने फोन में कुछ सेटिंग्स को ऑफ करके आप ईमेल ट्रैकिंग के इन तरीकों से बच सकते हैं.
आपके फोन या लैपटॉप पर पूरे दिन कई E-mail आते रहते हैं. इनमें बहुत से प्रमोशनल ईमेल भी होते हैं, जिस पर शायद आप ध्यान नहीं देते होंगे. इनके बीच कुछ ऐसे भी ईमेल्स होते हैं, जो आपकी बहुत सी डिटेल्स को चुपके-चुपके ट्रैक कर रहे होते हैं. बहुत से ऐसे ईमेल आपके इनबॉक्स में रोज आते हैं, जिनमें Hidden Trackers होते हैं.
इन ट्रैकर्स की मदद से ईमेल भेजने वाले आपकी कई जानकारी हासिल करते हैं. मसलन आपने कितनी बार उनके ईमेल को ओपन किया है, कहां ओपन किया है और कब ओपन किया है. ये सारी जानकारी ईमेल भेजने वाला बड़े ही आसानी से हासिल कर सकता है.
इस तरह के ईमेल्स ऐड्स और मार्केटिंग वाली कंपनियां भेजती हैं. प्रमोशनल ईमेल्स में हिडेन ट्रैकर्स लगे होते हैं, जो आपकी कई जानकारियों को मेल सेंडर तक पहुंचाते हैं. इसकी मदद से मार्केटिंग कंपनियां देखती हैं कि यूजर्स किस तरह के ईमेल से कैसे इंट्रैक्ट कर रहे हैं. इसे ईमेल ट्रैकिंग पिक्सल कहते हैं.
Email Tracking Pixel एक सिंपल कॉन्सेप्ट है, जो किसी सेंडर को कई तरह की जानकारी प्रदान करता है. जब कोई ये जानना चाहता है कि क्या किसी ने उसका ईमेल पढ़ा है या नहीं, तो वो एक छोटी 1 पिक्सल इमेज को मेल में भेजता है.
जैसे ही आप ईमेल ओपन करते हैं, ये फोटो जिस सर्वर पर स्टोर होती है वहां इस्टैक्शन को लॉग कर लेती हैं. इस तरह से सेंडर को पता चल जाता है कि उसका ईमेल किसी कितनी बार पढ़ा है.
अगर ईमेल ट्रैकिंग पिक्सल इनविजिबल है, तो आप उसे कैसे खोज सकते हैं. Gmail और Outlook जैसे ज्यादातर ईमेल क्लाइंट्स के पास ऐसा कोई बिल्ट-इन मैकेनिज्म नहीं होता है, लेकिन आप थर्ड पार्टी टूल्स की मदद ले सकते हैं.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










