
Eid 2021: मुल्क भर में बेहद सादगी से मनाया जा रहा है ईद उल फितर का त्योहार
Zee News
सरकार की जानिब से जारी की गईं गाइलाइंस पर अमल करते हुए लगभग सभी मुसलमान ईद मना रहे हैं. हालांकि कुछ जगहों से ऐसी भी तस्वीरें आ रही हैं जहां लोगों ने बड़ी तादाद इकट्ठे होकर ईद की नमाज अदा की है.
नई दिल्ली: हिंदुस्तान में आज ईद उल फितर (Eid ul Fitr) का त्योहार का मनाया जा रहा है. कोरोना वायरस की दूसरी तबाहकुन लहर की वजह से सरकार और इस्लामी रहनुमाओं ने सभी मुसलमानों से अपील है कि वो घरों में रहकर ही ईद मनाएं और नमाज अदा करें. सरकार की जानिब से जारी की गईं गाइलाइंस पर अमल करते हुए लगभग सभी मुसलमान ईद मना रहे हैं. हालांकि कुछ जगहों से ऐसी भी तस्वीरें आ रही हैं जहां लोगों ने बड़ी तादाद इकट्ठे होकर ईद की नमाज अदा की है. Punjab: People gather in large numbers to offer namaz on the occasion of Visuals from Amritsar’s Jama Masjid Khairuddin Hall Bazar
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









