
EC पर Mamata Banerjee का तीखा हमला, Cooch Behar दौरे को लेकर कही ये बात
Zee News
Cooch Behar Latest Update: जिला प्रशासन ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के चॉपर को उतरने की इजाजत नहीं दी है. इससे नाराज सीएम ने ट्वीट करके अपने मन की बात साझा की है.
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सिलीगुड़ी (Siliguri) में मौजूद हैं. ये इलाका कूच बिहार (Cooch Behar) से 180 किलोमीटर दूर है. सूत्रों के मुताबिक ममता की जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) की दोनों रैली कैंसिल कर दी गई हैं. वहीं ममता के चॉपर को कूच बिहार प्रशासन ने जिले में उतरने की इजाजत नहीं दी है. EC should rename MCC as Modi Code of Conduct! हालांकि सूत्रों के हवाले से से ये खबर भी आई कि मुख्यमंत्री की सेक्युरिटी के लोग कूचबिहार पहुंच चुके हैं. इससे उनकी विजिट को लेकर कई तरह की अटकलें लग रहीं थी. लेकिन इसी बीच ममता बनर्जी ने ट्वीट करके चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा, 'मुझे अपने लोगों से मिलने से कोई नहीं रोक सकता. मैं निर्धारित समय पर कूचबिहार में जरूर जाऊंगी.'
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









