
Delhi News: एक हजार करोड़ के कर्ज पर घिरी दिल्ली सरकार, बीजेपी ने आप को याद दिलाए पुराने आंकड़े
ABP News
Delhi News in Hindi: दिल्ली में कर्ज को लेकर बीजेपी और आप में सियासी टकराव बढ़ गया है. बीजेपी ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने 11 साल में दिल्ली पर 1.20 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ा है.
दिल्ली में कर्ज प्रबंधन को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के उस बयान की कड़ी आलोचना की है. जिसमें दिल्ली सरकार द्वारा एक हजार करोड़ रुपये के ऋण प्रबंधन पर सवाल उठाए गए थे. सचदेवा ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कहा कि राज्य सरकारों के लिए ऋण लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है.
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि राज्य सरकारें विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन के लिए भारत सरकार, रिजर्व बैंक या फिर रिजर्व बैंक की अनुमति से किसी वित्तीय संस्था अथवा खुले बाजार से अल्पकालिक या दीर्घकालिक ऋण लेती रही हैं. उन्होंने कहा कि यह एक स्थापित और सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था है, जिसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.
सचदेवा ने आरोप लगाया कि आप की सरकार भी अतीत में कई बार ऋण ले चुकी है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने वर्ष 2020 और 2022 में भी भारत सरकार से ऋण की मांग की थी. इसके अलावा आतिशी मार्लेना सरकार ने नवंबर 2024 में चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय लघु बचत कोष से 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने का प्रस्ताव रखा था, जिसका उद्देश्य चुनावी योजनाओं को लागू करना था.
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि आप की सरकार 11 साल के शासन के बाद दिल्ली पर भारी कर्ज छोड़ कर गई. उनके मुताबिक 2024-25 के दिल्ली सरकार के ही आंकड़ों के अनुसार राज्य पर करीब 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था. उन्होंने कहा कि यह बताता है कि पिछली सरकार ने किस तरह से वित्तीय प्रबंधन किया.













