
Delhi Liquor Policy: ईडी ने कविता की याचिका पर SC में दायर किया कैविएट
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ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर आग्रह किया कि ईडी को सुने बिना कविता के द्वारा दायर याचिका में कोई आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए. दरअसल कविता ने पूछताछ के लिए ईडी के समन को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था. उ
दिल्ली शराब नीति मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नई दिल्ली कार्यालय में पेश होने के लिए जारी समन को चुनौती देते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री की बेटी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के. कविता की याचिका पर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है.
ईडी ने आग्रह किया कि ईडी को सुने बिना कविता के द्वारा दायर याचिका में कोई आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए. दरअसल कविता ने पूछताछ के लिए ईडी के समन को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था. उन्होंने गिरफ्तारी से सुरक्षा भी मांगी थी. कविता की याचिका 24 मार्च के लिए सूचीबद्ध है. 16 मार्च को ईडी के सामने पेश नहीं होने के बाद ईडी ने कविता को 20 मार्च की नई तारीख दी है.
आरोप के अनुसार हैदराबाद के शराब व्यापारी अरुण पिल्लई ने शराब नीति में बदलाव के लिए आप नेताओं को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत दी थी. पिल्लई रॉबिन डिस्टिलरीज एलएलपी कंपनी में साझेदार है. ईडी के अनुसार यह कंपनी के. कविता और उनसे जुड़े ग्रुप का प्रतिनिधित्व करती हैं.
कविता पर क्या हैं आरोप?
- कारोबारी पिल्लई ने ईडी को पूछताछ में बताया था कि तेलंगाना की एमएलसी के. कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक सौदा हुआ था. - पिल्लई ने दावा किया था कि सौदे के तहत 100 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था और इससे कविता की कंपनी इंडोस्पिरिट्स को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली थी. - पिल्लई ने बताया था कि वो कविता की कंपनी इंडोस्पिरिट्स को रिप्रेजेंट करता था और उनका पार्टनर था. उसने ये भी बताया था कि पार्टनर बनने के जरिए इन्वेस्टमेंट की व्यवस्था भी उसने ही की थी. - उसने बताया कि ओबेरॉय मेडेंस में एक मीटिंग हुई थी, जिसमें उसके अलावा कविता, विजय नायर और दिनेश आरोड़ा भी मौजूद थे. इस मीटिंग में दी गई रिश्वत की वसूली पर चर्चा की गई थी.
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