CUET 2022: छात्रों पर परीक्षा की तैयारी का दोहरा बोझ, छात्र बोले- पहले बोर्ड दो फिर सीयूईटी
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CUET 2022: सीयूईटी में कई विषयों (subjects) की परीक्षा बहुत जल्दी-जल्दी होने से किसी की भी ठीक से तैयारी नहीं हो पा रही. जानिए- यूपी के छात्र इस पर क्या सोचते हैं.
लखनऊ पब्लिक कॉलेज की अनुष्का और तान्या दोनों को CUET की परीक्षा देनी है. 20 जुलाई को अनुष्का की परीक्षा है और 18 जुलाई को तान्या की, पर उनके कई दोस्तों की परीक्षा क़रीब एक महीने बाद है. इससे इनको निराशा है और इनको लग रहा है कि उन छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए ज़्यादा वक्त मिलेगा. अनुष्का और तान्या दोनों अपने स्कूल की टीचर्स से पढ़ाई और तैयारी में मदद ले रही हैं तो वहीं उनको ये भी लग रहा है कि CUET में कई विषयों (subjects) की परीक्षा बहुत जल्दी जल्दी होने से किसी की भी ठीक से तैयारी नहीं हो पा रही.
बोर्ड रिजल्ट- सीयूईटी भी, इसलिए टेंशन दोगुना
अभी CBSE का रिज़ल्ट नहीं आया है इसलिए छात्र कह रहे हैं कि एक तो बोर्ड के रिज़ल्ट का टेंशन है और CUET की तैयारी भी सामने है. इसके लिए मुश्किल हो रही है. हालांकि इन छात्राओं का ये भी मानना है कि CUET एक अच्छा मौक़ा है जिससे सभी को बराबर मौक़ा मिलेगा. अभी कुछ examination boards के marks का परसेंटेज ज़्यादा होने की वजह से एडमिशन में वहां के छात्र आगे हो जाते थे.
टीचर्स बोले- बराबर का मौका दे रहा सीयूईटी
अनुष्का और तान्या की तरह कई और छात्रों को भी इसके एग्जीक्यूशन में कुछ कमी दिख रही है. इधर इनके teachers का मानना है कि अभी इस बैच को दिक़्क़त इसलिए है क्योंकि पहली बार ये पता चलेगा कि इनके फ़ायदे और नुक़सान क्या हैं लेकिन छात्रों को बराबर का मौक़ा देने और एकरूपता लाने ले लिए ये अच्छा है. टीचर्स का मानना है कि अगर इन व्यावहारिक दिक़्क़तों को ध्यान में रखा जाए तो ये अच्छा फ़ैसला है. साथ ही बोर्ड के मार्क्स का भी कुछ हिस्सा इसमें एड किया का सकता है.
कुछ टीचर्स का ये भी मानना है कि अभी पहला बैच होने की वजह से कुछ दिक़्क़तें हैं जो बाद में ठीक हो जाएंगी. साथ ही इस बार online और offline पढ़ाई होने से भी छात्रों के लिए मुश्किल समय है.

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