
Covishield की दोनों डोज लगवाने पर भी नहीं बनी एंटीबॉडी, पूनावाला पर दर्ज केस में अब 15 अप्रैल को सुनवाई
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Covishield की दोनों डोज लगवाने के बावजूद एंटीबॉडी नहीं बनने के मामले में सीरम कंपनी के मालिक अदार पूनावाला पर दर्ज केस की अगली सुनवाई लखनऊ की अदालत में 15 अप्रैल को होगी.
कोविशील्ड वैक्सीन (covishield vaccine) से एंटीबॉडी नहीं बनने के मामले में सीरम कंपनी के मालिक अदार पूनावाला पर केस की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी. उत्तर प्रदेश के लखनऊ की अदालत में चल रहे इस मामले में अदार पूनावाला की तरफ से उनके वकील ने पेश होकर बहस के लिए वक्त मांगा है.
दरअसल, 12 जून 2021 को लखनऊ के रहने वाले प्रताप चंद्र ने लखनऊ की जिला अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी. फरियादी के मुताबिक, कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बावजूद उसके शरीर में एंटीबॉडी नहीं बनीं. इस मामले में सुनवाई करते हुए जिला जज ने बीते 4 मार्च को अदार पूनावाला, ड्रग कंट्रोल डायरेक्टर, स्वास्थ सचिव, ICMR और WHO के अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था. जिस पर लखनऊ के सेशन कोर्ट में पूनावाला की तरफ से कृष्णा यादव ने वकालतनामा लगाया और कोर्ट से बहस करने के लिए वक्त मांगा. कोर्ट ने 2 हफ्ते का वक्त देते हुए 15 अप्रैल को इस केस में अगली तारीख तय कर दी है.
दायर मुकदमे में लिखा गया कि सीरम इंस्टीटयूट ऑफ इंडिया की बनाई गई और सरकारी संस्थान आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन की तरफ से मान्यता प्राप्त कोविशील्ड वैक्सीन का 8 अप्रैल 2021 को फरियादी ने पहला डोज लगवाया था. दूसरे डोज की तय तारीख 28 दिन बाद की दी गई थी. लेकिन 28 दिन बाद जाने पर बताया गया कि अब दूसरी डोज 6 हफ्ते में लगेगी. फिर सरकार ने ऐलान किया कि अब 6 नहीं, बल्कि 12 हफ्ते बाद दूसरी डोज लगेगी.
ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय ने 21 मई 2021 को कहा, ''कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक के बाद शरीर में एंटीबॉडी के "अच्छे स्तर" का उत्पादन होता है, लेकिन कोवैक्सिन की दूसरी खुराक के बाद ही पर्याप्त प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है.'' 'यानी कोविशील्ड वैक्सीन के पहले डोज के बाद अच्छे लेवल का एंटीबॉडी बनता है.
लिहाजा, 25 मई 2021 को वैक्सीन लगवाने वाले प्रताप चंद्र ने थायरोकेयर से अपना COVID ANTIBODY GT टेस्ट कराया, जिससे मालूम हो सके कि एंटीबॉडी बनाने के लिए लगवाई गई कोविशील्ड वैक्सीन से एंटीबॉडी बनी या नहीं? लेकिन 27 मई 2021 को रिपोर्ट निगेटिव आई, यानी जिस एंटीबॉडी के लिए वैक्सीन लगवाई गई थी, वो तो नहीं बनी, बल्कि शख्स की प्लेटलेट्स भी 3 लाख से घटकर 1.5 लाख हो गईं, जो न सिर्फ धोखा हुआ बल्कि जान के लिए भी बड़ा जोखिम साबित हुई. फिलहाल, इस मामले में लखनऊ जिला अदालत ने सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदर पूनावाला समेत सभी 7 आरोपियों पर दर्ज केस में अब 15 अप्रैल को कोर्ट में अगली तारीख दी है, जिस पर अदार पूनावाला की तरफ से उनके वकील अपना पक्ष रखेंगे.

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