
CM योगी के साथ अपनी फिल्म 'जेलर' देखेंगे रजनीकांत, फिर जाएंगे अयोध्या, जानें क्या है मेगा स्टार का प्लान
Zee News
अपनी फिल्म जेलर के प्रमोशन के सिलसिले में रजनीकांत कई शहरों में जा चुके हैं. अब लखनऊ में सीएम योगी के साथ 'जेलर' के बाद रजनीकांत अयोध्या भी जा सकते हैं.
नई दिल्ली. सुपरस्टार रजनीकांत लखनऊ में अपनी फिल्म 'जेलर' राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ देखेंगे. कहा जा रहा है कि रजनीकांत इसके बाद धार्मिक नगरी अयोध्या भी जा सकते हैं. लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने पर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में रजनीकांत ने कहा- 'हां मैं उनके साथ (सीएम योगी) फिल्म (जेलर) देखने जा रहा हूं.' जब उनसे फिल्म को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स पर सवाल पूछा गया तो बोले- सब भगवान की दुआ है. | Actor Rajinikanth arrives in Uttar Pradesh's Lucknow, says, "I will watch the film (Jailor) with the CM". आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
श्री अयोध्या जी में आज भगवान श्री रामलला के दर्शन-पूजन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








