
Chandrayaan-3 Launch Date: चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग जुलाई के दूसरे हफ्ते में, इंजन में बड़ा बदलाव... पिछली गलती फिर नहीं
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ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा है कि 12 से 19 जुलाई 2023 के बीच होगी Chandrayaan-3 की लॉन्चिंग. चंद्रयान-3 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से जीएसएलवी-एमके3 रॉकेट से चंद्रमा पर भेजा जाएगा. लॉन्च विंडो 19 जुलाई तक है. यानी किसी तरह की दिक्कत आने पर इन 7 दिनों के भीतर किसी भी दिन लॉन्च हो सकता है.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की लॉन्चिंग कब होगी. इस बात का अंदाजा पहले से ही था कि चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग 12 से 25 जुलाई के बीच होगी. लेकिन बुधवार यानी 28 जून 2023 को इसरो प्रमुख ने कहा कि लॉन्चिंग 12 से 19 जुलाई की बीच की जाएगी. सारी टेस्टिंग हो चुकी है. पेलोड्स लगा दिए गए हैं. लॉन्चिंग की असली डेट कुछ दिन में घोषित होगी.
इससे पहले भी इसरो प्रमुख ने इस बात की जानकारी दी थी कि पिछली बार विक्रम लैंडर के साथ जो हुआ था. वो इस बार नहीं होगा. क्योंकि इस बार चंद्रयान-3 के लैंडर की लैंडिंग तकनीक में बदलाव किया गया है. यानी चंद्रयान-2 वाली गलतियां इस बार नहीं होंगी. चंद्रयान-3 की लैंडिंग तकनीक को नए तरीके से बनाया गया है.
चंद्रयान-3 मिशन में इसरो सिर्फ लैंडर और रोवर भेज रहा है. जबकि, चंद्रमा के चारों तरफ चक्कर लगा रहे चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से लैंडर-रोवर का संपर्क जोड़ा जाएगा. इस स्पेसक्राफ्ट के ज्यादातर प्रोग्राम पहले से ही ऑटोमैटिक हैं. सैकड़ों सेंसर्स लगाए गए हैं. जो इसकी लैंडिंग और अन्य कार्यों में मदद करेंगे.
क्या करेंगे चंद्रयान-3 के लैंडर-रोवर चांद पर?
चंद्रयान-3 असल में चंद्रयान-2 का फॉलो-अप मिशन है. इसमें इसरो सुरक्षित लैंडिंग और रोविंग की स्वदेशी तकनीक को दुनिया के सामने दिखाना चाहता है. इसके अंदर ऐसे यंत्र हैं जो रोशनी और खनिजों की हीट के आधार पर चांद की स्टडी करेंगे. लैंडर में चंद्र सरफेस थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट (ChaSTE) लगा है. यह चांद की सतह पर थर्मल कंडक्टिविटी, तापमान की स्टडी करेगा.

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