
CBI ने मनीष सिसोदिया पर एक और केस दर्ज किया, अब 'जासूसी' का है आरोप... समझें क्या है पूरा मामला?
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दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली के कथित शराब घोटाले में पहले से ही जेल से बंद सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई ने अब एक और केस दर्ज कर लिया है. ये मामला दिल्ली सरकार की फीडबैक यूनिट से जुड़ा है. सीबीआई के मुताबिक, फीडबैक यूनिट के जरिए राजनीतिक जासूसी की गई.
जेल में बंद मनीष सिसोदिया पर सीबीआई ने एक और केस दर्ज कर लिया है. ये मामला दिल्ली सरकार की 'फीडबैक यूनिट' से जुड़ा है. इस मामले में सिसोदिया के अलावा और दूसरे सरकारी अफसरों को भी आरोपी बनाया गया है. सिसोदिया पर अपने पद का दुरुपयोग करने और फीडबैक यूनिट का इस्तेमाल 'राजनीतिक निगरानी' करने का आरोप है.
दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. फिलहाल इसी मामले में सिसोदिया ईडी की हिरासत में हैं.
फीडबैक यूनिट मामले में सीबीआई ने सिसोदिया के अलावा आईआरएस अफसर सुकेश कुमार जैन, सीआईएसएफ के रिटायर्ड डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा, आईबी के ज्वॉइंट डिप्टी डायरेक्टर प्रदीप कुमार पुंज, सीआईएसएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट सतीश खेत्रपाल और गोपाल मोहन को भी आरोपी बनाया है.
इस पर आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री का प्लान मनीष सिसोदिया पर झूठे मामले थोपने और लंबे समय तक हिरासत में रखने का है. देश के लिए ये दुख की बात है.'
दिल्ली बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि ये गंभीर मामला है और सीबीआई को देशद्रोह के एंगल से भी इसकी जांच करनी चाहिए. वहीं, दिल्ली कांग्रेस के उपाध्यक्ष अली मेहदी ने कहा कि ये आंतरिक सुरक्षा का मामला है, इसलिए सभी आरोपियों पर UAPA के तहत केस दर्ज होना चाहिए.
क्या है फीडबैक यूनिट?

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