
Brazil: लड़की के हाथ, पैर और सिर काटकर Suitcase में भरा, Video भी बनाया
Zee News
Girl Chopped And Stuffed In Suitcase: पुलिस अधिकारी ने बताया कि खुदाई के दौरान म्युनिसिपल कर्मचारी ने सूटकेस से बाहर आ गए पीड़िता के हाथ को देखा. इसके बाद जब उन्होंने और खुदाई की तो सूटकेस बरामद हुआ.
ब्रासीलिया: ब्राजील (Brazil) से एक युवती की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां हैवानों ने 21 साल की पीड़िता को पहले जान से मारा और बाद में उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करके सूटकेस (Girl Chopped And Stuffed In Suitcase) में भर दिया. इतना ही नहीं आरोपियों ने इस वारदात का वीडियो भी बनाया. पुलिस ने गुरुवार को सूटकेस बरामद किया. डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता का नाम गैबरियला लीमा था. बीते 13 मार्च को युवती के लापता होने की खबर पुलिस स्टेशन मे दर्ज करवाई गई थी. इसके दो हफ्ते बाद बाद पुलिस को एक वीडियो मिला, जिसमें दिख रहा है कि कैसे युवती बेदर्दी से मौत के घाट (21 Year Old Girl Chopped) उतारा गया.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









