
Bihar: मुंगेर में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप, कई गांव और सैकड़ों घर डूबे
AajTak
बिहार के मुंगेर जिले में गंगा नदी ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जलस्तर बढ़ने के बाद जिले के कई प्रखंड और गांवों में लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है और कई इलाके पूरी तरह डूब गए हैं.
बिहार के मुंगेर जिले में गंगा के बढ़ते जल स्तर ने कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है और कई गांवों में बाढ़ आ गई है. मुंगेर में खतरे के निशान से महज 58 सेंटीमीटर नीचे ही अब गंगा का जल स्तर रह गया है.
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से डॉल्फिन पार्क , चंडिका मंदिर लगभग डूब चुका है जबकि मिर्जा चौकी फोर लेन का कार्य भी प्रभावित हो गया है. इतना ही नहीं, जिले के दो प्रखंडों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया जिस वजह से लोग सुरक्षति स्थानों पर पलायन के लिए मजबूर हो गए हैं.
बता दें कि बीते साल 2021 में गंगा ने इस इलाके में कहर बरपाया था और अब लोग एक बार फिर बढ़ते जल स्तर को देखकर सहम गए हैं. गंगा खतरे के निशान 39.33 मीटर से मात्र 58 सेंटीमीटर नीचे 38.58 मीटर पर बह रही है.
मुंगेर के सदर प्रखंड के टीकारामपुर धोताल महतो टोला ,सीतारामपुर, कुतलुपुर दियारा पंचायत के कई घर अब गंगा की चपेट में आ गए है. लोगों को उसी बाढ़ के पानी में रहकर रोजमर्रा का काम करना पड़ रहा है.
गंगा के बढ़े हुए जलस्तर से इलाके में मक्के की फसल को भी नुकसान हो रहा है. लोग अपने परिवारों और बच्चों के साथ घरों में ही हैं. आसपास पानी होने के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और जिंदगी घरों में कैद हो चुकी है.

सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. करनाल के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि टेलीग्राम के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे. पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा 9 लाख रुपये से अधिक राशि सीज कर जांच शुरू कर दी है.

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वे इस फैसले के बावजूद अपने व्यापारिक एजेंडे से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा, 'विदेशी देश बहुत खुश हैं, लेकिन उनकी खुशी लंबे समय तक नहीं रहेगी. हम अब और मजबूत दिशा में कदम उठाएंगे और व्यापार नीति में कड़ा रुख अपानएंगे.' उन्होंने संकेत दिया कि सभी विकल्प उनके दृष्टिगत हैं और टैरिफ लगाने के अन्य मजबूत तरीके पहले से ही विचाराधीन हैं.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध बताया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस यानी संसद को है, राष्ट्रपति को नहीं. ट्रम्प ने टैरिफ पर सुनवाई को लेकर कहा था कि अगर केस हारे तो देश बर्बाद हो जाएगा.

जिस समय दुनिया में भारत में चल रही AI समिट की वाहवाही हो रही थी. दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्रप्रमुख भारत की क्षमताओं और लीडरशिप के कायल हो रहे थे. तब कांग्रेस की यूथ विंग का 'राजनीतिक विरोध'... कुंठा और हताशा की सारी सीमाओं को पार कर गया और फिर उन्होंने जो किया, उसे शर्मनाक, फूहड़ता, निर्लज्जता और 'राजनीतिक अधोपतन' ही कहा जा सकता है. कांग्रेस की यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत सुरक्षा घेरा तोड़कर AI समिट में प्रवेश किया.

आज की घटना में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने मोदी विरोध में अपने कपड़े उतारकर AI Impact Summit में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा किया. इस प्रकार के विरोध को राजनीति नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह देश के सम्मान के खिलाफ है. युवा नेताओं की इस हरकत ने देश की छवि को प्रभावित किया है. राजनीतिक विरोध करना अपनी बात सामने रखने का तरीका होता है लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से देश के हितों को नुकसान होता है.

यह वीडियो कांग्रेस द्वारा AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन पर केंद्रित है. दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष के विरोध ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह विरोध राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है. इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे और प्रदेश की सकारात्मक विकास खबरों पर भी चर्चा की गई है. देखें खबरदार.

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और टी-शर्ट्स पर संदेश लिखे गए. समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई वैश्विक कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे. विरोध के समय और तरीके को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.






