
Bengal Elections 2021: कूचबिहार में 5 की मौत, सुरक्षाबलों पर गोली चलाने का आरोप
Zee News
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West Bengal Election 2021) के चौथे चरण में 44 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार सुबह सात बजे से वोटिंग जारी है.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिले में आज वोटिंग हो रही है. इस वोटिंग के दौरान राज्य से हिंसा की भी खबरें आ रही हैं. कूचबिहार के माथाभांगा इलाके में हिंसा के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बीजेपी का एक कार्यकर्ता भी शामिल है. टीएमसी ने सुरक्षाबलों पर गोली चलाने का आरोप लगाया है. चुनाव ओयोग ने इस तफसीली रिपोर्ट मांगी है. चुनाव आयोग का बयान चुनाव आयोग ने कहा कि शीतलकुची में 300-400 उपद्रवियों ने केंद्रीय बलों को घेर लिया था. CISF ने बचाव के लिए गोली चलाई. आयोग का कहना है कि दो गुटों के बीच झड़प रो रही थी. इसमें अपने बचव के लिए CISF के जवानों ने गोली चलाई.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









