
Bank Loan Fraud: बैंकों से 1528 करोड़ का लोन लेकर फुर्र हो गई कंपनी, CBI ने इस राज्य में की छापेमारी
Zee News
एक प्राइवेट कंपनी बैंक ऑफ इंडिया समेत 16 बैंकों से लोन के नाम पर 1,528 करोड़ रुपये (Bank Loan Fraud) लेकर फुर्र हो गई. CBI ने ने इस मामले में केस दर्ज कर बुधवाई को कई शहरों में छापेमारी की.
नई दिल्ली: CBI ने बैंक ऑफ इंडिया समेत 16 बैंकों से 1,528 करोड़ रुपये का लोन (Bank Loan Fraud) लेकर हड़प जाने के मामले में बुधवार को कई जगहों पर छापेमारी की. एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और पोंटा साहिब में एक प्राइवेट कंपनी के ऑफिस और उसके अधिकारियों के परिसरों पर छापे मारे.
सीबीआई (CBI) ने आरोप लगाया कि लौह और अलौह धातु के निर्माण में लगी एक प्राइवेट कंपनी ने इस सारे घपले की साजिश रची. उसने वर्ष 2008 से 2013 तक 16 राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के कांस्टोरियम (समूह) लोन हासिल किए. ऐसा करके देश के 16 बैंकों से 1,528 करोड़ रुपये (Bank Loan Fraud) हासिल कर लिए गए.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









