
Anthropic AI ने हिला डाला था बाजार... अब उसके खिलाफ भारत में मुकदमा, नाम पर मचा बवाल!
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Anthropic Trademark Dispute : बीते दिनों अमेरिका में एंथ्रोपिक एआई टूल लॉन्च किया गया था और इसकी एंट्री के साथ ही US Stock Market में मौजूद आईटी शेयरों में भूचाल आ गया था, IT Share में 'ग्लोबल सुनामी' देखने को मिली था.
एंथ्रोपिक (Anthropic) का नाम बीते कुछ दिनों से लगातार चर्चा में था. ऐसा हो भी क्यों न आखिर इसके AI Tool के लॉन्च होते ही अमेरिकी शेयर बाजारों में भूचाल आ गया था. खासतौर पर बड़ी-बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर तो क्रैश हो गए थे. अब इस कंपनी के खिलाफ भारत की एक कंपनी ने मुकदमा दर्ज कराया है और 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है. दरअसल, पूरा बवाल नाम को लेकर है, जिससे अमेरिकी फर्म की मुश्किलें बढ़ती नजर आई हैं.
बेंगलुरु की कंपनी ने मांगे 1 करोड़ रुपये बिजनेस टुडे पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु की एक कंपनी ने अमेरिकी एआई दिग्गज Anthropic AI पर 1 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया है. केस करने वाली कंपनी का नाम एंथ्रोपिक सॉफ्टवेयर (Anthropic Software) है. इसने बीते जनवरी महीने में कर्नाटक की एक कॉमर्शियल कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है और इसमें दावा किया है कि वह 2017 से 'एंथ्रोपिक' नाम का इस्तेमाल कर रही है, जिसे हाल ही में अमेरिकी एआई कंपनी ने यूज किया है और ब्रांड को लेकर काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है.
एंथ्रोपिक लॉन्च होते ही आ गई थी सुनामी अमेरिका में लॉन्च होने के बाद से ही Anthropic AI Tool की दुनिया में चर्चा होने लगी थी और NASDAQ में शामिल तमाम बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर दनादन क्रैश हुए थे. नैस्डैक में लगातार करीब 2% के आसपास गिरावट आई थी. न सिर्फ अमेरिका, बल्कि भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका असर देखने को मिला था और TCS, Infosys, HCL Tech समेत तमाम आईटी स्टॉक्स धड़ाम हो गए थे.
अपना दायरा बढ़ाने में लगी एंथ्रोपिक बेंगलुरु की एक स्थानीय सॉफ्टवेयर फर्म के साथ कानूनी विवाद में उलझ गई है. टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराते हुए ग्राहकों के बीच और अधिक भ्रम फैलने से रोकने के लिए राहत और संरक्षण के साथ ही 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है.
आईटी कंपनियों को क्या डर? US Stock Market में एंथ्रोपिक के लॉन्च होते ही आई गिरावट के पीछे के कारण की बात करें, तो बता दें कि एंथ्रोपिक ने कॉर्पोरेट और लीगल कार्यों को ऑटोमेटिक करने के लिए एक नया एआई टूल लॉन्च किया है. उम्मीद है कि यह नया टूल सॉफ्टवेयर कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक वर्कफ़्लो ऑटोमेशन में बड़ा बदलाव लाएगा. इसने विश्लेषकों के बीच सासपोकैलिप्स की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे ग्लोबल आईटी मार्केट हिल गए थे.
लीगल और डेटा सर्विस प्रोवाइडर्स पर बेहद बुरा असर दिखा और लीगलजूम के शेयर 20%, तो थॉमसन रॉयटर्स का शेयर 15% फिसल गया था. इसके अलावा लेक्सिसनेक्सिस की पैरेंट कंपनी RELX का शेयर 14% गिर गया था.

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इंटरनेशलन एनर्जी एजेंसी की ओर से भारत से अपील की गई थी कि वह तेल की कीमतों को कम करने के लिए ऑयल रिजर्व जारी करे, जिसे भारत ने ठुकरा दिया है. ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है.

फरवरी के अंत में कच्चे तेल की कीमतें 68 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमले के बाद बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई हैं. यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले एक महीने में तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं. ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और ओमान की रिफाइनरी और LNG संयंत्रों पर हमला किया है, जिससे उत्पादन रुक गया है. तेल का ये संकट दुनिया के लिए कितनी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देगा? देखें वीडियो.











