
90 गांव, सात कत्ल और एक गुमनाम कातिल... इस खौफनाक सीरियल किलर को तलाश रही हैं यूपी पुलिस की 14 टीमें
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बरेली में पांच महीनों में रह-रह कर अलग-अलग गांवों में महिलाओं की हत्या होती रही और गिनती छह तक पहुंच गई. तकरीबन सभी मामलों में क़ातिल ने 50 से 60 साल के एज ग्रुप की महिलाओं को ही अपना निशाना बनाया और सभी मामलों में क़त्ल का हथियार महिलाओं की साड़ी का पल्लू या फिर उनका दुपट्टा ही था.
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक इलाका ऐसा है, जहां महिलाएं बेहद खौफज़दा हैं. इन दिनों वहां की महिलाएं घर से बाहर निकलने से भी डरती हैं. वो अपने खेतों की तरफ जाने से बचती हैं. शाम होते ही वो अपने घरों के दरवाजे बंद कर लेती हैं. वो महिलाएं ऐसा इसलिए करती हैं, क्योंकि वे भी सबकी तरह मौत से डरती हैं. ऐसी मौत जो बेमौत आती है. जिसकी वजह भी कोई नहीं जानता. वो मौत उस इलाके की महिलाओं को निशाना बनाती है और गुम हो जाती है. दरअसल, हम बात कर रहे हैं बरेली के उस इलाके की जहां पिछले कुछ महीनों में एक या दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं को बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार दिया गया.
नहीं मिला कातिल का सुराग पिछले साल यानी साल 2023 में जुलाई महीने की पहली तारीख को यूपी के बरेली में एक महिला की हत्या हो गई. हत्या शाही थाना इलाके के आनंदपुर गांव में हुई थी. क़ातिल ने करीब 55 साल की प्रेमवती की जान उसी की साड़ी की पल्लू से गला घोंट कर ली थी. पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन उसे क़ातिल का कोई सुराग नहीं मिला.
एक-एक कर 6 महिलाओं का कत्ल इसके बाद अगले पांच महीनों में रह-रह कर कुछ इसी तरह बरेली के अलग-अलग गावों में महिलाओं की हत्या होती रही और गिनती छह तक पहुंच गई. तकरीबन सभी मामलों में क़ातिल ने 50 से 60 साल के एज ग्रुप की महिलाओं को ही अपना निशाना बनाया और सभी मामलों में क़त्ल का हथियार महिलाओं की साड़ी का पल्लू या फिर उनका दुपट्टा ही था. लेकिन बरेली पुलिस हर मामले की अलग-अलग जांच करती रही और इनमें से एक भी मामले में वो क़ातिल का पता नहीं लगा सकी.
थानों में धूल फांकती रही इन मामलों की फाइलें हां, इतना जरूर रहा कि इन पांच महीनों के दौरान तीन और महिलाओं का भी क़त्ल हुआ और उन मामलों को सुलझाने में पुलिस कामयाब रही. लेकिन बाकी के छह मामले अनसुलझे थे. अनसुलझे ही रहे. इस लिहाज़ से देखा जाए तो इस सिलसिले का आख़िरी क़त्ल अब से कोई आठ महीने पहले यानी नवंबर 2023 को हुआ था. जिन महिलाओं का क़त्ल हुआ, उनके घर वाले इंसाफ के लिए भटकते रहे, लेकिन पुलिस थानों में क़त्ल के उन मामलों की फाइल धूल फांकती रही.
2 जुलाई 2024, बरेली, उत्तर प्रदेश लेकिन अब आठ महीने बाद कुछ ऐसा हुआ है जिसने एक बार फिर से पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं. हुआ यूं कि इस बार फिर से बरेली के एक ग्रामीण इलाक़े में एक महिला की हत्या हो गई. हत्या उसी शाही थाना इलाके के एक गांव में हुई, जहां अब से कोई साल भर पहले इस सिलसिले की पहली हत्या हुई थी. इस बार भी क़ातिल ने कुछ उसी तरीके से 45 साल की एक महिला की जान उसी की साड़ी के पल्लू से गला घोंट कर ले ली. जिस तरीके से पहले महिलाओं की हत्या हुई थी.
सभी महिलाओं के कत्ल का एक जैसा तरीका ज़ाहिर है ये सारी बातें अभी से नहीं बल्कि दूसरे या तीसरे क़त्ल के बाद से ही इस ओर ईशारा कर रही थी कि क़त्ल के इन मामलों के पीछे किसी ना किसी सीरियल किलर का ही हाथ है, क्योंकि तकरीबन सभी के सभी मामलों में ना सिर्फ़ क़त्ल का तरीका एक सा था, बल्कि हर मामले में क़ातिल का शिकार बनने वाली महिलाएं ही थी. और उनकी उम्र 50 से 60 साल के आस-पास थी. यानी इन सभी क़त्ल के मामलों में गजब की सिमिलैरिटी थी. तब से लेकर अब तक मीडिया ने इन सारे क़त्ल के मामलों को एक-दूसरे से जोड़ कर देखा और इनमें किसी सीरियल किलर का हाथ होने की आशंका जताता रहा.

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