
7 छात्रों ने की थी शुरुआत, आज 37 हजार छात्र हैं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में, दिलचस्प है AMU का इतिहास
AajTak
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की स्थापना 1920 में सर सैयद अहमद खान द्वारा की गई थी. इसे पहले मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल स्कूल के रूप में शुरू किया गया था. कहा जाता है कि शुरुआत में यहां सिर्फ सात छात्र थे, और आज इसमें 37 हजार से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. आइए इस यूनिवर्सिटी के बारे में कुछ खास बाते जानते हैं.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसख्यंक दर्जे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट का कहना है कि एएमयू का अल्पसंख्यक का दर्जा बरकरार रहेगा. कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से यह फैसला सुना दिया है. इस मामले पर सीजेआई समेत चार जजों ने एकमत फैसला दिया है जबकि तीन जजों ने डिसेंट नोट दिया है. मामले पर सीजेआई और जस्टिस पारदीवाला एकमत हैं. वहीं, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा का फैसला अलग है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस प्रमुख यूनिवर्सिटी का इतिहास क्या रहा है..
स्कूल के रूप में शुरू हुआ था AMU
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है. इसका इतिहास सन् 1875 से शुरू होता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटिश राज में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की तर्ज पर AMU भारत का पहला उच्च शिक्षण संस्थान था. 1875 में, सर सैयद ने मुसलमानों को आधुनिक शिक्षा देने की जरूरत को समझते हुए मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल स्कूल की स्थापना की. उस समय निजी विश्वविद्यालयों की अनुमति नहीं थी, इसलिए इसे स्कूल के रूप में शुरू किया गया.
बाद में, इसे मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज में बदल दिया गया और फिर 1920 में इसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया. उसी वर्ष ब्रिटिश सरकार की सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली ने AMU एक्ट लाकर इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया. कहा जाता है कि सर सैयद ने विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए बहुत संघर्ष किया. उन्होंने इसके लिए अनोखे तरीके अपनाए, जैसे कि लोगों से चंदा इकट्ठा करना, नाटक में काम करना और लोगों से सहयोग मांगना.
ड्रामा और संगीत की भी होती है पढ़ाई
AMU में आज 37 हजार से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जो न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत से यहां आते हैं. यहां 13 फैकल्टी, 21 सेंटर और 117 विभाग हैं. छात्रों और कर्मचारियों के लिए 80 छात्रावास सहित 19 हॉल भी हैं. AMU में तकनीकी, व्यावसायिक और अनुसंधान के कई विशेष पाठ्यक्रम हैं, जिनमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल, जैव प्रौद्योगिकी और इस्लामिक अध्ययन जैसे प्रमुख कॉलेज और विभाग शामिल हैं.

परमाणु बम और इसके विस्फोट के विनाशकारी प्रभाव की काफी चर्चा होती रहती है. दुनिया में काफी कम लोग बचे हैं, जिन्होंने ऐसी किसी घटना का प्रत्यक्ष अनुभव किया हो. उस वक्त के सोवियत रूस और मौजूदा समय में यूक्रेन में स्थित चेर्नोबिल में हुई परमाणु दुर्घटना में बचे ऐसे ही एक शख्स ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि तब उनके बॉडी पर इसका क्या असर हुआ था.

Portronics Zeno Go review: पोर्टोनिक्स भारतीय बाजार में मिक्स्ड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ आता है. हम पिछले कुछ दिनों से ब्रांड का मिनी मसाजर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे रिचार्ज किया जा सकता है. ये डिवाइस पोर्टेबल है, जिसकी वजह से कहीं भी आसानी से कैरी किया जा सकता है. इसमें आपको मल्टीपल मसाज हेड्स मिलते हैं. रिव्यू में हम जानेंगे कि क्या ये एक वैल्यू फॉर मनी डिवाइस है.

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.









