
6 महीने में 129 सिफारिशें: CJI बी.आर. गवई के कार्यकाल में कॉलेजियम का रिपोर्ट कार्ड जारी
AajTak
सुप्रीम कोर्ट ने एक आधिकारिक दस्तावेज जारी कर बताया है कि CJI बी.आर. गवई के करीब छह महीने के कार्यकाल में कॉलेजियम ने हाई कोर्ट में नियुक्ति के लिए कुल 129 नाम केंद्र को भेजे, जिनमें से 93 को मंजूरी मिल चुकी है. इन सिफारिशों में 11 उम्मीदवार ओबीसी/पिछड़ा वर्ग समुदाय से, 10 अनुसूचित जाति से और 13 अल्पसंख्यक समुदायों से हैं, जबकि सूची में 15 महिला उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है.
CJI बी.आर. गवई के लगभग 6 महीने के कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से की गई सिफारिशों की जानकारी देते हुए आधिकारिक दस्तावेज जारी किया गया है. जस्टिस गवई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने हाई कोर्ट के लिए कुल 129 सिफारिश केंद्र सरकार को भेजीं जिसमें से 93 को मंजूरी दी गई.
इन सिफारिशों में 11 अन्य पिछड़ा वर्ग/पिछड़ा वर्ग से, 10 अनुसूचित जाति से और 13 अल्पसंख्यक समुदायों से आते हैं जबकि इस सूची में 15 महिलाएं भी शामिल हैं. अपने कार्यकाल के अंतिम कार्य दिवस पर सेरेमोनियल बेंच में CJI बी.आर. गवई ने कहा कि हमने राष्ट्रपति/ गवर्नर मामले में दिए गए फैसले में किसी भी विदेशी जजमेंट का इस्तेमाल नहीं किया.
'कुछ सितारे ऐसे होते हैं जिन पर गैलेक्सी को भी गर्व होता है'
सीजेआई गवई ने कहा कि जजमेंट में हमने स्वदेशी इंटरप्रिटेशन का इस्तेमाल किया है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि CJI गवई और जस्टिस सूर्यकांत जजमेंट में भारतीयता वापस लाए हैं. ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि कुछ सितारे ऐसे होते हैं जिन पर गैलेक्सी को भी गर्व होता है.
'मैंने समाज की सेवा करने के मकसद से अपनी ड्यूटी निभाई'
सेरेमोनियल बेंच में CJI बी.आर. गवई ने कहा कि जब मैंने 1985 में इस प्रोफेशन को जॉइन किया था तो मैं लॉ के स्टूडेंट के तौर पर जुड़ा था और अब मैं चीफ जस्टिस के तौर पर पद छोड़ रहा हूं. एक वकील और फिर एक जज और CJI के तौर पर, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हर ऑफिस, पावर का ऑफिस नहीं है, बल्कि देश की सेवा करने का एक मौका है. इसलिए मैंने समाज की सेवा करने के मकसद से अपनी ड्यूटी निभाई.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.










