
6 महीने में 100% रिटर्न... एक ही ग्रुप की दो कंपनियों ने किया कमाल, अब आया नया टारगेट
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ल्युमैक्स ग्रुप की दो कंपनियों के शेयरों ने शानदार तेजी दिखाई है. दोनों शेयर 6 महीने में ही करीब 100 फीसदी चढ़ चुके हैं और अब ब्रोकरेज फर्मों का इन कंपनियों को लेकर नया अपडेट आया है.
Lumax इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. यह शेयर इंट्राडे के दौरान अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए, लेकिन कारोबार के अंत में यह शेयर 8.76 प्रतिशत बढ़कर 6,698.90 रुपये पर बंद हुआ. इस तेजी के साथ ही यह शेयर छह महीने में 100 फीसदी तक का रिटर्न दे चुका है.
शेयर में तेजी कंपनी की ओर से दिसंबर तिमाही नतीजे जारी होने के बाद आई है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में टैक्स आफ्टर प्रॉफिट (PAT) 47 करोड़ रुपये दर्ज किया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 34 करोड़ रुपये था. यह प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 39.1 फीसदी की ग्रोथ दिखाता है.
ल्युमैक्स इंडस्ट्रीज ने अब तक का अपना उच्चतम तिमाही रेवेन्यू 1,053 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के 887 करोड़ रुपये से 18.7 प्रतिशत अधिक है. तकनीकी नजरिए से देखें तो कुछ एक्सपर्ट्स अभी भी मुनाफा बुक करने और गिरावट पर खरीदारी करने पर विचार कर रहे हैं.
इस शेयर पर आगे क्या? बोनान्जा के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट डुमिल विथलानी ने कहा कि लुमैक्स इंडस्ट्रीज ने एक मजबूत ब्रेकआउट दिया है, जिसके वॉल्यूम में तेजी से उछाल आया है. इसकी कीमत अपने 20 , 50 और 100-दिवसीय EMA से काफी ऊपर चली गई है. 73 के करीब आरएसआई मजबूती दिखा रहा है, लेकिन यह शॉर्ट टर्म में ओवरबॉट में है. इसका मतलब है कि इस शेयर में अभी थोड़ा ठहराव आ सकता है.
6,300-6,400 रुपये के आसपास का ब्रेकआउट जोन अब सपोर्ट के रूप में काम करेगा. ट्रेडर मामूली गिरावट पर एंट्री ले सकते हैं, जिसमें सपोर्ट के नीचे 2.5 प्रतिशत का सख्त स्टॉप-लॉस होना चाहिए. ऊपरी लक्ष्य एंट्री से लगभग 5 प्रतिशत पर निर्धारित किए गए हैं और अगर वॉल्यूम बना रहता है और कीमत ब्रेकआउट स्तर से ऊपर बनी रहती है तो आगे भी तेजी की संभावना है.
एआर रामचंद्रन ने कहा कि यह शेयर तेजी का संकेत दे रहा है और अभी ओवरबॉट जोन में है, जिसका अगला रेसिस्टेंस 7,206 रुपये पर है. उनका कहना है कि इस स्तर पर अभी प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए, क्योंकि 6,419 रुपये के समर्थन से नीचे दैनिक क्लोजिंग से निकट भविष्य में 5,447 रुपये का डाउनवर्ड टारगेट बन सकता है. आनंद राठी के जिगर एस पटेल का कहना है कि 7000 रुपये के ऊपर यह शेयर 7300 रुपये पर जा सकता है.

US-Iran War: 'जंग के जिम्मेदार देशों को निपटना होगा...', भारत ने ठुकराई ऑयल रिजर्व जारी करने की अपील
इंटरनेशलन एनर्जी एजेंसी की ओर से भारत से अपील की गई थी कि वह तेल की कीमतों को कम करने के लिए ऑयल रिजर्व जारी करे, जिसे भारत ने ठुकरा दिया है. ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है.

फरवरी के अंत में कच्चे तेल की कीमतें 68 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमले के बाद बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई हैं. यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले एक महीने में तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं. ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और ओमान की रिफाइनरी और LNG संयंत्रों पर हमला किया है, जिससे उत्पादन रुक गया है. तेल का ये संकट दुनिया के लिए कितनी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देगा? देखें वीडियो.











