
5 राज्य, 5 ह्यूमन ट्रैफिकिंग मॉड्यूल और NIA का एक्शन... देशभर से चार मामलों में ऐसे पकड़े गए 44 आरोपी
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एनआईए की गुवाहाटी, चेन्नई, बैंगलोर और जयपुर ब्रांच में मानव तस्करी के 4 मामले दर्ज किए गए थे. इसके बाद इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 55 ठिकानों पर एक साथ और छापेमारी और तलाशी की कार्रवाई की गई.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) और कई राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर कई राज्यों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग (Human Trafficking) के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन चलाया. इस ऑपरेशन का मकसद भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए अवैध प्रवासियों की घुसपैठ और भारत में बसने में शामिल अवैध मानव तस्करी नेटवर्क को खत्म करना था. NIA ने 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छापेमारी कर इस धंधे में शामिल 44 लोगों को गिरफ्तार किया है.
दरअसल, एनआईए की गुवाहाटी, चेन्नई, बैंगलोर और जयपुर ब्रांच में मानव तस्करी के 4 मामले दर्ज किए गए थे. इसके बाद इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 55 ठिकानों पर एक साथ और छापेमारी और तलाशी की कार्रवाई की गई.
प्रारंभिक मामला, 9 सितंबर 2023 को असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने दर्ज किया था. जो भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए अवैध प्रवासियों की घुसपैठ और भारत में पुनर्वास के लिए जिम्मेदार मानव तस्करी नेटवर्क से संबंधित था. जिसमें रोहिंग्या मूल के लोग भी शामिल हैं.
इस नेटवर्क का संचालन देश के विभिन्न हिस्सों तक फैला हुआ है, जिसमें भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्र भी शामिल हैं. मामले के अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्य कनेक्शन और इसकी जटिलता को देखते हुए एनआईए ने 6 अक्टूबर 2023 को औपचारिक रूप से इस केस की जांच अपने हाथों में ले ली थी. इस संबंध में गुवाहाटी में एनआईए पुलिस स्टेशन में आरसी 01/2023/एनआईए/जीयूडब्ल्यू के रूप में मामला दर्ज किया गया था.
इस मामले में एनआईए की जांच से पता चला कि इस अवैध मानव तस्करी नेटवर्क के विभिन्न मॉड्यूल तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों में फैले हुए थे. जो वहीं से संचालित हो रहे थे. जांच के नतीजे सामने आने के बाद एनआईए ने देश के विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों में मौजूद इस व्यापक नेटवर्क के मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के लिए तीन नए मामले दर्ज किए.
8 नवंबर को इस ऑपरेशन के तहत सुबह के वक्त समन्वित छापे मारे गए. तलाशी के दौरान एनआईए ने कई महत्वपूर्ण वस्तुएं बरामद कीं, जिनमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पेन ड्राइव जैसे डिजिटल उपकरण शामिल हैं. आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित बड़ी संख्या में पहचान संबंधी दस्तावेजों के जाली होने का शक है. इसके अलावा 20 लाख रुपये के भारतीय करेंसी नोट और 4550 यूएस डॉलर भी बरामद हुए हैं.

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