
5वीं बार राष्ट्रपति बन सकते हैं पुतिन... समझें- उन्हें हराना क्यों है नामुमकिन? रूस पर कैसे बनाया अपना दबदबा
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रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं. इस चुनाव में पुतिन के खिलाफ तीन उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं, लेकिन उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है. एक सर्वे के मुताबिक, चुनाव में पुतिन को 75 फीसदी से ज्यादा वोट मिल सकते हैं.
रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. 15 मार्च से 17 मार्च के बीच वहां वोटिंग होगी. हालांकि, इन चुनाव को औपचारिकता मात्र ही माना जा रहा है. वो इसलिए क्योंकि व्लादिमीर पुतिन का राष्ट्रपति चुना जाना करीब-करीब तय है.
रूस का राष्ट्रपति चुनाव इस बार कई मायनों में खास है. उसकी कई वजहें भी हैं. ये चुनाव ऐसे वक्त हो रहे हैं, जब यूक्रेन के साथ रूस की जंग जारी है. पुतिन के सामने कोई दमदार विपक्ष नहीं है. और तो और ये पहली बार है जब रूस में तीन दिन तक वोटिंग होगी.
इस चुनाव में पुतिन की जीत लगभग तय मानी जा रही है. दरअसल, रूस में राष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया काफी अलग है. वहां 'पॉपुलर वोट' से राष्ट्रपति चुने जाते हैं.
यानी कि जिसे 50% से ज्यादा वोट मिलते हैं, वही राष्ट्रपति होता है. अगर उम्मीदवार ज्यादा हैं और किसी एक को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले तो तीन हफ्तों बाद दोबारा चुनाव होता है, जिसमें टॉप-2 उम्मीदवार ही होते हैं. फिर इन दो में से कोई एक राष्ट्रपति बनता है.
पुतिन का जीतना तय क्यों?
पुतिन अब तक चार बार रूस के राष्ट्रपति चुने जा चुके हैं. और हर चुनाव में उनका वोट प्रतिशत पहले के मुकाबले बढ़ा ही है.

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