
4 मार्च को बीजेपी चुनाव समिति की बैठक, बंगाल-असम के उम्मीदवारों की लिस्ट हो सकती है जारी
AajTak
चुनाव समिति की बैठक के बाद ही उम्मीदवारों पर मुहर लगना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है.
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर सकती है. 4 मार्च को बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होनी है. इसके अलावा बीजेपी बंगाल के कोर ग्रुप की बैठक 3 मार्च को होगी. इस बैठक में अमित शाह, जेपी नड्डा भी शामिल रहेंगे. चुनाव समिति की बैठक के बाद ही उम्मीदवारों पर मुहर लगना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है. पहली बैठक में बंगाल और असम के पहले फेज के लिए उम्मीदवारों का ऐलान हो सकता है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह, भूपेंद्र यादव जैसे वरिष्ठ नेता इस केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य हैं, जो उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाती है. बंगाल और असम पर भाजपा का फोकस बीजेपी की ओर से बंगाल और असम में पूरी जान लगाई जा रही है. बंगाल में लगातार बड़े नेता चुनाव प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं. मंगलवार को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ बंगाल में हैं, जबकि जल्द ही पीएम नरेंद्र मोदी की भी जनसभा होनी है. गौरतलब है कि चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. सभी राज्यों में आचार संहिता भी लागू कर दी गई है. सभी राज्यों में 2 मार्च से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जबकि 10 मार्च तक पहले फेज़ के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी होगी. ऐसे में अब जल्द ही राजनीतिक दलों के द्वारा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जा रही है. बंगाल में इस बार आठ फेज में, असम में तीन फेज़ में चुनाव होना है. जबकि अन्य राज्यों में पहले फेज़ में ही चुनाव हो जाएगा.
पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खानेखाखा की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर भारतीय रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख का जुर्माना लगाकर उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के आदेश दिए गए हैं. रेलवे ने यात्री सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.









