
250 KM की दूरी और पांच घंटे का सफर... इसी ट्रैवल रूट में छिपी हो सकती है मॉडल दिव्या पाहुजा की लाश
AajTak
मॉडल दिव्या पाहुजा की हत्या के बाद आरोपी जिस BMW से लाश लेकर निकले थे, वो कार पंजाब के पटियाला में बस स्टैंड पर खड़ी मिली है. पुलिस को कार से दिव्या की लाश नहीं मिली. कार में ब्लड लगा था. गुरुग्राम से पटियाला की दूरी 250 किलोमीटर है, यहां कार से पांच घंटे लगते हैं. अनुमान है कि इसी रूट पर दिव्या पाहुजा की लाश छिपी हो सकती है.
Model Divya Pahuja Murder Case: मॉडल दिव्या पाहुजा की हत्या के बाद पुलिस को अब तक लाश नहीं मिली है. गुरुग्राम पुलिस लाश को बरामद करने का प्रयास कर रही है. पुलिस हत्या के मुख्य आरोपी अभिजीत सिंह, हेमराज और ओम प्रकाश से भी लगातार पूछताछ में जुटी है. पुलिस को पंजाब के पटियाला में बस स्टैंड पर BMW कार मिली है, जिससे दिव्या की लाश को ले जाया गया था. इस कार को वहां छोड़कर जाने वालों की भी तलाश की जा रही है.
आरोपियों ने गुरुग्राम पुलिस को पूछताछ में बताया कि उन्होंने दिव्या की लाश को बीएमडब्ल्यू कार में रखकर किसी और के हवाले कर दिया था. इसके बाद उन लोगों ने कार पटियाला के बस स्टैंड पर पार्क कर दी थी. गुरुग्राम पुलिस ने कार पटियाला के बस स्टैंड से रिकवर कर ली है. गुरुग्राम से पटियाला की दूरी करीब 250 किलोमीटर है, वहां तक कार से पहुंचने में करीब पांच घंटे का समय लगता है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी रूट पर शायद आरोपियों ने दिव्या की लाश कहीं ठिकाने लगाई है.
पुलिस ने जब BMW कार की जांच की, उसे खोलकर देखा तो उसमें दिव्या की लाश फिलहाल बरामद नहीं हुई. गाड़ी में ब्लड मिला है. अभी पुलिस जांच कर रही है कि दिव्या की लाश को आरोपियों ने कहां ठिकाने लगाया है. जिन लोगों ने कार को बस स्टैंड पर छोड़ा, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.
यहां देखें वीडियो
यह भी पढ़ेंः गैंगस्टर, प्रेमिका, एनकाउंटर और बदला... फिल्मी कहानी से कम नहीं है मॉडल दिव्या पाहुजा मर्डर केस

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











