
16 साल की बेटी का सुसाइड: घरवाले समझते रहे कि पिता की बीमारी होगी वजह, लेकिन इंस्टाग्राम की चैटिंग ने खोला राज
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आरोपी गांव का पुजारी था. पंडिताई करता था और नाम भी उसका पवित्र सिटोके था लेकिन उसकी हरकतें अपवित्र थीं. बदमाशों की तरह उसका आचरण था. उसने अपनी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर अपलोड कर रखी हैं, जिनमें आरोपी हाथ में बंदूक थामे दिख रहा है.
MP News: खंडवा जिले के एक गांव में दलित युवती की आत्महत्या को पहले घरेलू कारण समझकर परिवार ने दरकिनार कर दिया था. लेकिन जब उसके मोबाइल फोन को खंगाला गया तो आत्महत्या राज खुला. उस युवती को गांव का ही एक पुजारी परेशान कर रहा था और लगातार धमकियां दे रहा था. यह युवती के इंस्टाग्राम चैटिंग से पता चला. इसके बाद परिजन एसपी के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे. पुजारी के खिलाफ न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ, बल्कि उसे गिरफ़्तार कर जेल भी भेज दिया गया है.
मामला पिपलोद थाना इलाके के एक गांव का है. जहां 29 अगस्त को 16 साल की दलित बेटी ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. पिता की लगातार तबीयत खराब होने की वजह से पूरा परिवार मानसिक तनाव में था. परिजनों को लगा कि बेटी ने इसी वजह से आत्महत्या की होगी. जीवन लीला समाप्त करने के पहले युवती ने न तो अपनी परेशानी किसी को बताई और न ही कोई सुसाइड नोट ही छोड़कर गई.
पुजारी से चैटिंग और धमकी
दो दिन बाद जब मृतका का मोबाइल चेक किया तो इंस्टाग्राम पर गांव के ही पुजारी पवित्र सिटोके से चैटिंग सामने आई. इस चेटिंग में पुजारी अश्लील गालियां देते हुए नाबालिग को धमका रहा था. परिजनों का कहना है कि पुजारी की धमकी और उकसाने की वजह से ही बेटी तनाव में थी और उसने आत्महत्या कर ली.
संबंधित पिपलोद थाने में पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया था. परिजनों ने जब पुलिस को आरोपी का नाम और उसकी सोशल मीडिया चैटिंग बताई, तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद वे अपनी शिकायत लेकर एसपी के पास पहुंचे.
'तेरी उल्टी गिनती चालू हो गई है'

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