
12वीं के बाद करें ये पांच जॉब ओरिएंटेड प्रोफेशनल कोर्स, खूब मिलेगा पैसा, शोहरत और सम्मान
Zee News
अगले माह 12वीं के इम्तहान होंगे, जिसके बाद स्टूडेंट्स के सामने एक बड़ा सवाल होगा कि अब वह क्या करें? 12वीं के बाद ऐसे कई प्रोफेशनल कोर्स हैं जिसे पूरा कर वह अपना करिअर बना सकते हैं
नई दिल्लीः अपने मुल्क में बहुत से ऐसे स्टूडेंट्स हैं जो 12वीं के बाद कई वजहों से अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं. ऐसे छात्र चाहकर भी उन प्रोफेशन को नहीं अपना पाते हैं जिनके लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन तय की गई है. हालांकि ग्रेजुएशन नहीं कर पाने वाले 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए भी मार्केट में ढेर सारे प्रोफेशनल कोर्स मौजूद हैं जिनकी पढ़ाई करके वह अचछी नौकरी और उसमें खूब सारा पैसा, शोहरत और इज्ज़त कमा सकते हैं. आइये ऐसे कुछ कोर्स के बारे में हम जानने की कोशिश करते हैं, लैंग्वेज कोर्स अगर आपको कोई विदेशी जुबान सीखने और उन देशों के कल्चर को जानने में दिलचस्पी है तो लैंगवेज कोर्स आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा. आप जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच, जैपनीज, चाइनीज और अरबी जैसी विदेशी जुबान सीखकर टूरिस्ट गाइड, ट्रांस्लेटर, इंटरप्रीटर या किसी कंपनी में नौकरी कर सकते हैं. इसमें सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और तीन साल तक का ग्रेजुएशन कोर्स आसानी से किसा जा सकता है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










