
12वीं की छात्रा को जिंदा जलाने पर सुलगा झारखंड, कड़ी सुरक्षा के बीच निकली शवयात्रा
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पांच दिन तक जिंदगी की जंग लड़ रही दुमका की अंकिता आखिरकार हार गई. शाहरुख ने अंकिता पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था. शाहरुख ने अंकिता के साथ यह खौफनाक वारदात इसलिए की थी, क्योंकि उसने फ़ोन पर उससे बात करने से इनकार कर दिया था. अंकिता की मौत के बाद झारखंड में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा है.
पांच दिन तक जिंदगी की जंग लड़ रही दुमका की अंकिता आखिरकार हार गई. रांची के रिम्स में आज सुबह उसकी मौत हो गई. उसकी मौत की खबर दुमका पहुंचते ही आक्रोशित लोग सड़क पर निकल आये और दुमका टॉवर चौक जाम कर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग करने लगे. अंकिता के घर पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे.
दरअसल, दुमका के नगर थाना क्षेत्र के जरूवाडीह मोहल्ले के रहने वाले शाहरुख ने अंकिता पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था. शाहरुख ने अंकिता के साथ यह खौफनाक वारदात इसलिए की थी, क्योंकि उसने फ़ोन पर उससे बात करने से इनकार कर दिया था. बुरी तरह से जली अंकिता को दुमका मेडिकल कॉलेज के बाद रांची रिम्स रेफर कर दिया गया था.
कड़ी सुरक्षा के बीच निकली शवयात्रा
कड़ी सुरक्षा के बीच अंकिता की अर्थी को घर से निकाला गया. बेतिया घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा. बड़ी संख्या में दुमका के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए. शहर का माहौल ना बिगड़े इसके लिए पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, हालांकि इसके बारे में पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है.
सुबह 4 बजे शाहरुख ने अंकिता को जलाया था
अंकिता को जलाने की घटना 23 अगस्त को सुबह चार बजे घटी थी. घर में उस वक्त अंकिता के दादा-दादी, उसके पिता और उसका छोटा भाई मौजूद था. जब तक अंकिता नींद से उठती, तब तक आग के लपेटों से वह घिर चुकी थी. उसने किसी तरह कमरे का दरवाजा खोला और आंगन में रखे पानी से भरे बाल्टी को अपने ऊपर उड़ेला.

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