
$100 अरब निर्यात, GDP में उछाल, $3 अरब की सेविंग... US डील से होंगे ये बड़े फायदे!
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर एसबीआई रिसर्च ने एक रिपोर्ट पेश की है , जिसमें कहा गया है कि भारत के एक्सपोर्ट में सालाना आधार पर 100 अरब डॉलर का इजाफा हो सकता है. साथ ही आयात के बाद भी सरप्लस 45 अरब डॉलर बढ़ेगा.
अमेरिका के साथ भारत की डील पर देश को बड़ा फायदा पहुंचने वाला है. SBI रिसर्च ने कहा कि सालाना आधार पर भारत का निर्यात 100 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ जाएगा और आयात में बढ़ोतरी के बाद भी सरप्लस में 45 अरब डॉलर का इजाफा हो सकता है. इसके अलावा, कुल सालाना सरप्लस 90 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है.
एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि टैरिफ में कमी और अमेरिकी बाजार में भारी मांग के चलते भारत का अमेरिका को माल निर्यात में सालाना करीब 100 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है. अमेरिका से आयात में अनुमानित 55 अरब डॉलर की बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए भी भारत का नेट गूड्स ट्रेड सरप्लस 45 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है. ट्रेड डील से जीडीपी में इतनी उछाल अनुमान है कि इसका कुल प्रभाव भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 1.1% की वृद्धि करेगा. साथ ही आयात शुल्क में कमी के कारण सालाना लगभग 3 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बचत भी होगी. निर्यात में बढ़ोतरी की संभावना अमेरिकी बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच भारी अंतर से सर्पोटिव है.
भारत के लिए बड़ा मौका रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल अमेरिकी आयात 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है, जबकि भारत वर्तमान में उस मांग का केवल 3% हिस्सा ही पूरा करता है.विद्युत मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषण, वस्त्र, रसायन, वाहन और समुद्री भोजन जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी मांग और भारतीय आपूर्ति के बीच विशेष रूप से बड़ा अंतर दिखाता है. ऐसे में भारत के पास अपार संभावनाएं हैं, जो भारत के एक्सपोर्ट को बढ़ा सकता है.
एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि टॉप 15 उत्पाद कैटेगरी के निर्यात में ही सालाना लगभग 97 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है और अन्य वस्तुओं को शामिल करने पर कुल एक्सपोर्ट ग्रोथ आसानी से 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगी. विद्युत मशीनरी, परमाणु रिएक्टर और यांत्रिक उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स, वाहन और रत्न व आभूषण निर्यात में वृद्धि के लिए सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से होंगे.
एग्री सेक्टर को बड़ा फायदा India-US व्यापार समझौते से एग्री को भी काफी लाभ होने वाला है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से अमेरिका को होने वाले कृषि निर्यात के लगभग 75% हिस्से पर अब कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा. इनमें चावल, मसाले, चाय, कॉफी, तिलहन, मेवे और सी फूड जैसे उत्पाद शामिल हैं.
भारत का अमेरिका के साथ पहले से ही कृषि व्यापार सरप्लस लगभग 1.3 अरब डॉलर है और शुल्क में कमी से किसानों, मत्स्य पालन और बागानों से जुड़े क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. भारत अपने चावल आयात का लगभग 25% हिस्सा अमेरिका से लेता है, जबकि सी फूड और मसालों के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है.

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